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शुल्क की सरकार, हिमाचल में होटल व्यवसायियों पर लगाया बेतहाशा टैक्स ले वापस : जयराम ठाकुर

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मडी : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य की कांग्रेस सरकार को चौतरफा घेरते हुए इसे ‘शुल्क की सरकार‘ करार दिया है। प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा होटलों के संचालन सहमति शुल्क के ढांचे में भारी बढ़ोतरी का विरोध करते हुए जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सुक्खू सरकार का गवर्नेंस मॉडल ही जनता और कारोबारियों पर बेहिसाब शुल्क लगाना बन चुका है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि टॉयलेट टैक्स जैसे बेतुके फैसले में हुई किरकिरी के बाद कभी पर्यटकों की गाड़ियों पर टैक्स लगाया जाता है, तो कभी स्कूल–कॉलेज की फीस में बेतहाशा बढ़ोतरी की जाती है। कभी इलाज के खर्च जैसी आवश्यक सेवाओं पर शुल्क बढ़ाया जा रहा है तो कभी राजस्व जैसे छोटे छोटे काम के लिए तहसील में जाने वाले लोगों से भारी फीस बसूलकर सरकारी राजस्व बढ़ाने के प्रयास किये जा रहे हैं।

 

अब हिमाचल प्रदेश में होटल कारोबार करने वाले कारोबारी इनके निशाने पर आ गए हैं जिनसे 150 गुणा अधिक फ़ीस बसूली जा रही है जिससे अब इनका कारोबार करना और अधिक महंगा हो गया है। प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने होटलों के संचालन सहमति शुल्क के ढांचे में भारी बदलाव किया है, जिसके तहत छोटे होटलों के शुल्क में 150 फीसदी तक की बेतहाशा बढ़ोतरी कर दी गई है। इस नए फैसले के मुताबिक, 10 से 13 कमरों वाले ग्रीन श्रेणी के छोटे होटल संचालकों को अब पांच साल के लिए 72 हजार रुपये के बजाय सीधे 1.80 लाख रुपये का भुगतान करना होगा, जिससे उन पर 1.08 लाख रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। इसके साथ ही, उनका वार्षिक शुल्क भी 14,400 रुपये से बढ़ाकर 36,000 रुपये कर दिया गया है। वहीं दूसरी ओर, 20 से अधिक कमरों वाले ‘ऑरेंज श्रेणी’ के होटलों पर भी इसका बड़ा असर पड़ेगा, जिनका पांच साल का संभावित शुल्क बढ़कर 3 से 5 लाख रुपये तक पहुँच सकता है। इस संशोधित शुल्क ढांचे को कंसेंट टू एस्टेब्लिश (सीटीई) और कंसेंट टू ऑपरेट (सीटीओ) दोनों के लिए लागू किया गया है, जिसके कारण पुराने होटल संचालकों को बोर्ड की ओर से शुल्क जमा न करने पर होटल बंद करने के नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राजस्व कार्यों में लगने वाले शुल्कों में की गई अत्यधिक वृद्धि के कारण भी आम जनता पर इतना भारी बोझ लाद दिया गया है कि लोग अब अपने जरूरी काम करवाने से भी कतराने लगे हैं। सरकार अपनी वित्तीय विफलताओं को छिपाने और खर्चे कम करने के बजाय ऐसे अनुचित पैंतरे अपना रही है, जिससे प्रदेश के छोटे व मध्यम कारोबारियों को डराया और धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों में होटल चलाने वाले छोटे और मध्यम स्तर के व्यवसायियों के लिए यह बढ़ा हुआ शुल्क एक असहनीय अतिरिक्त वित्तीय बोझ बन गया है। पर्यटन प्रतिष्ठानों की तुलना बड़े औद्योगिक निर्माण संस्थानों से करना पूरी तरह अनुचित है। विपक्ष चाहता है कि सरकार इस दमनकारी और अनावश्यक टैक्स वृद्धि के फैसले पर तुरंत पुनर्विचार करे। भाजपा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह पर्यटन व्यवसाय को बर्बाद करने वाले और जनता पर अनावश्यक बोझ डालने वाले इस तरह के फैसलों को बर्दाश्त नहीं करेगी तथा सड़क से लेकर हर मोर्चे पर इस सरकारी ‘उगाही’ का पुरजोर विरोध करेगी।

इंडी गठबंधन की दिल्ली रैली फ्लॉप, मुख्यमंत्री सुक्खू को बोलने तक का मौका नहीं दिया
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आह्वान पर रामलीला मैदान में बुलाई इंडी गठबंधन की चुनाव आयोग के खिलाफ रैली को फ्लॉप करार देते हुए मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू पर भी चुटकी लेते हुए कहा कि वे अपने मंत्रिमंडल और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दल बल को भर भर कर दिल्ली ले गए लेकिन वहां जाकर उनकी सेना ही बिखर गई और रामलीला मैदान खाली रह गया। उन्होंने कहा कि सुक्खू राहुल गांधी की रीलांचिंग के लिए प्रदेश के संसाधनों को खूब लुटाया लेकिन उन्हें मंच से बोलने तक का भी मौका नहीं दिया गया। इसी से उनकी स्थिति का पता चल रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाई कमान इन्हें कोई एहमियत नहीं देता है जबकि कांग्रेस के पास गिने चुने 2-3 मुख्यमंत्री ही तो हैं।

चार को मंडी में अराजकता हटाओ, लोकतंत्र बचाओ पद यात्रा को लेकर कार्यकर्ताओं से भाग लेने का आग्रह किया
पूर्व मुख्यमंत्री दोपहर बाद अपने सराज विधान सभा क्षेत्र के ग्राम केंद्र शंकर देहरा के अंतर्गत सनोई एवं काण्डीधार बूथ की संयुक्त बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में संगठन के विस्तार, बूथ स्तर पर पार्टी की गतिविधियों को सशक्त बनाने तथा आगामी कार्ययोजना को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर विस्तारक जितेन्द्र ठाकुर, ग्राम केंद्र प्रभारी विनय सहित ग्राम केंद्र शंकर देहरा के सभी समर्पित कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उन्होंने 4 नवंबर को मंडी में होने जा रही अराजकता हटाओ, लोकतंत्र बचाओ पद यात्रा को लेकर भी कार्यकर्ताओं से भाग लेने का आग्रह किया।

 

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