मिसाइल युग में सामरिक चुनौती

अवनीश कुमार गुप्ता समकालीन विश्व व्यवस्था में सैन्य शक्ति का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। कभी किसी राष्ट्र की सामरिक क्षमता का मूल्यांकन सैनिकों की संख्या, टैंकों, युद्धपोतों और लड़ाकू विमानों से किया जाता था, लेकिन आज परिस्थितियाँ भिन्न हैं। आधुनिक युद्ध तकनीक, सटीक प्रहार क्षमता, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष आधारित निगरानी, साइबर सुरक्षा तथा लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल प्रणालियाँ किसी भी देश की वास्तविक शक्ति का आधार बन चुकी हैं। ऐसे समय में भारत के समक्ष सबसे बड़ी रणनीतिक चुनौतियों में से एक चीन की निरंतर बढ़ती मिसाइल क्षमता है। यह चुनौती केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के

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