शाहपुर (कांगड़ा) : शाहपुर के लोकप्रिय विधायक एवं उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने अमेरिका जा रहे थे। पठानिया दिल्ली से रवाना होने वाले थे। लेकिन उन्हें जैसे ही पता चला कि उनके विधानसभा क्षेत्र में बोह घाटी में बादल फटने से बड़ी तबाही हुई है तो वह अपना दौरा रद कर लौट आए। तुरंत बोह पहुंचे और प्रभावित परिवारों को राशन, कपड़े व अन्य जरूरी सामान उपलब्ध करवाया। दुखी परिवारों ने जब एक अभिभावक की तरह पठानिया को अपने बीच पाया तो उनका हौसला बढ़ गया कि अब उन्हें घबराने की जरूरत नहीं। केवल पठानिया ने वर्षा के बीच प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। हर प्रभावित का दुख-दर्द साझा किया। गांव की सड़क से लेकर खेतों तक में हुए नुकसान का आकलन किया। प्रशासन को जरूरी दिशानिर्देश दिए।
बोह पंचायत में बादल फटने से प्रभावित गांव का अधिकारियों और स्थानीय लोगों के साथ दौरा किया और प्रभावित परिवारों के घरों की वस्तुस्थिति का जायजा लिया। इसके बाद स्कूल में ठहरे परिवारों से मिले और प्रभावित परिवारों को हरसम्भव सहायता उपलब्ध कराने के सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिए ।
लगभग आठ किलोमीटर पैदल चल मौके का मुआइना किया और मुख्यमंत्री सुक्खू से वीडियो कॉल कर सारी परिस्थितियों से उनको अवगत करवाया।
बोह हादसे पर माननीय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का संदेश
कांगड़ा जिला की बोह वैली में बादल फटने की दुखद घटना ने मन को बेहद व्यथित किया है। पिछले दो दिनों से मैं लगातार प्रभावित क्षेत्र की स्थिति पर नज़र बनाए हुए हूँ। बीते कल उपायुक्त और प्रभावित परिवारों से फ़ोन पर बातचीत की थी। अभी विधायक केवल सिंह पठानिया जी से भी फ़ोन पर बातचीत हुई। उन्होंने प्रभावित परिवारों की स्थिति से अवगत कराया। सभी प्रभावितों को हर संभव सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है।
बादल फटने की घटना के बाद केवल जी बहुत चिंतित थे। मैंने कहा कि आप धैर्य रखें, कोई भी परिवार बेघर नहीं रहेगा। जैसे ही शिमला का मौसम ठीक होगा, मैं स्वयं बोह वैली के प्रभावित परिवारों से मिलने आऊँगा।
जब किसी परिवार का आशियाना उजड़ता है, तो भविष्य को लेकर मन में अनिश्चितता और चिंता होना स्वाभाविक है। मैं सभी प्रभावित परिवारों को विश्वास दिलाता हूँ कि इस कठिन समय में आप अकेले नहीं हैं।
यह राज्य सरकार का दायित्व है कि यदि प्रदेश का एक भी व्यक्ति मुश्किल में है, तो सरकार उसका सहारा बने। यह संपदा जनता की है और जन भलाई के कार्यों के लिए ही है।




