शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि एक कंपनी को वर्ष 2021 में नालागढ़ में 300 बीघा जमीन एक रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से दी गई। इसके अलावा दूसरी कंपनी को भी वर्ष 2021 में 800 एकड़ भूमि प्रदान की गई जबकि एक अन्य कंपनी को वर्ष 2021 में 30 एकड़ भूमि दी गई। 800 एकड़ यानी 4000 बीघा भूमि एक कंपनी को देने में भ्रष्टाचार की बू आ रही है। 4000 बीघा भूमि में तो पूरा शिमला भी नहीं बसा हुआ है।
सुक्खू ने कहा कि इन सभी कंपनियों को कस्टमाइज पैकेज के नाम पर सस्ती जमीन के साथ-साथ स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट दी गई यानी इन कंपनियों से रजिस्ट्री का भी एक भी पैसा सरकार को नहीं मिला। इसके अतिरिक्त पांच वर्षों के लिए इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी में भी 100 प्रतिशत की छूट दी गई। इसके साथ ही तीन रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली, फ्री पानी और फ्री वेयरहाउस का प्रावधान भी इस पैकेज में किया गया। यह पैकेज जीएसटी लागू होने के बाद दिया गया। अगर एक्साइज या वैट लागू होता, तो इससे प्रदेश को लाभ मिलता।



