शिमला : नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार के अंतर्कलह, विधायकों और मंत्रियों की विवशता, अधिकारियों और मित्र मंडली की मनमर्जी के आगे व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार की पूरी व्यवस्था ही घुटने पर है। आपदा से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र में सुक्खू सरकार के द्वारा आपदा प्रभावितों के राहत और पुनर्वास के लिए इस्तेमाल होने वाली धनराशि से 3 साल के कार्यकाल पूरा होने का जश्न मनाकर “लॉक प्रिय” सरकार ने न सिर्फ अपनी किरकिरी करवाई बल्कि अपनी संवेदनहीनता का भी प्रदर्शन किया। इस कृत्य से सरकार की कलई खुल गई। ऐसे जश्नों से कांग्रेस आलाकमान की गैरमौजूदगी से यह बात भी एकदम साफ हो गई है कि व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार प्रदेश में ही नहीं अपने शीर्ष नेतृत्व में भी अलोकप्रिय हो चुकी है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को उनके सार्वजनिक कार्यक्रमों में मिल रहे प्रचंड जन समर्थन, देश भर में कांग्रेस की हो रही प्रचंड हार और बीते हफ्ते सुक्खू सरकार के 3 साल पूरे होने पर आयोजित जश्न से प्रदेशवासियों के किनारा करने से कांग्रेस का पूरा नेतृत्व हताश है। मंच से सरकार के मंत्री और नेताओं के “सिर–फुटौव्वल” की घटना के बाद कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भी निराशा है। अपनी नाकामियों से प्रदेश वासियों का ध्यान हटाने के लिए सुक्खू सरकार इस तरह की मनगढ़ंत अभियानों का हिस्सा बन रही है देश के लोकतंत्र पर हमला करने की कोशिश कर रही है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि झूठी गारंटियों के नाम पर हिमाचल प्रदेश के लोगों के जनादेश की चोरी करके सरकार बनाने वाले मुख्यमंत्री न जाने किस मुंह से वोट अधिकार यात्रा निकाल रहे हैं। एक तरफ हिमाचल प्रदेश के लोग उनसे कांग्रेस की 10 झूठी गारंटियों का हिसाब मांग रहे हैं तो दूसरी तरफ हिमाचल के मुख्यमंत्री बिहार के चुनाव के बाद दिल्ली में व्यस्त हैं।
श्री छत्रधारी चालदा महासू महाराज जी का देवभूमि में स्वागत
जयराम ठाकुर ने हिमाचल के सिरमौर के पवित्र पश्मी गांव में श्री छत्रधारी चालदा महासू जी महाराज का स्वागत करते हुए कहा कि महराज जी के पावन आगमन से पूरे क्षेत्र में आस्था, श्रद्धा और उल्लास का वातावरण है। प्रभु का एक वर्ष तक पश्मी गांव में विराजमान रहना समस्त हिमाचल प्रदेश के लिए सौभाग्य और दिव्य आशीर्वाद का प्रतीक है। जयराम ठाकुर ने कहा कि महासू महाराज जी हिमाचल की लोकसंस्कृति और देव आस्था के रक्षक हैं। उन्होंने देवता से देवभूमि हिमाचल की हर प्रकार से रक्षा करने, प्रदेश को प्राकृतिक आपदाओं व अन्य विपत्तियों से सुरक्षित रखने तथा प्रदेशवासियों को सुख, शांति, समृद्धि और सद्भाव का आशीर्वाद देने की कामना की।



