ऊना : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने ऊना में आयोजित हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी दीन दयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महा अभियान शिविर में कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए प्रदेश की सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला और कहा कि भाजपा एक अत्यंत जिम्मेदार राजनीतिक दल है, जिसे हिमाचल प्रदेश के वर्तमान आर्थिक संकट की कांग्रेस से कहीं अधिक चिंता है, परंतु मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू इस गंभीर विषय को केवल राजनीतिक मकसद के लिए भुनाने और केंद्र सरकार को कोसने में लगे हुए हैं।
जयराम ठाकुर ने यहां मीडिया से बातचीत में दोटूक शब्दों में कहा कि वर्तमान सरकार हर दिन रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) को लेकर शोर मचा रही है और केंद्र पर भेदभाव का झूठा आरोप मढ़ रही है, जबकि ऐतिहासिक सच्चाई यह है कि हिमाचल के साथ सौतेला व्यवहार सदैव कांग्रेस के कार्यकाल में ही हुआ है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि अर्थशास्त्री रहे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के दस वर्षों के कार्यकाल में हिमाचल को मात्र 18 हजार करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता आर.डी.जी. के रूप में प्राप्त हुई थी, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने वर्ष 2015 से 2025 के बीच दो वित्त आयोगों के माध्यम से हिमाचल प्रदेश को 89 हजार करोड़ रुपए की भारी-भरकम मदद सुनिश्चित की है जो कांग्रेस की दी मामूली मदद से 71 हज़ार करोड़ रुपए अधिक है। विशेष बात यह है कि इस अवधि के दौरान प्रदेश में भाजपा के पांच वर्षों के शासन को छोड़ दिया जाए, तो अधिकांश समय कांग्रेस ही सत्ता में रही है, इसके बावजूद केंद्र की भाजपा सरकार ने बिना किसी राजनैतिक भेदभाव के हिमाचल की वित्तीय स्थिति को संभाले रखा।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जब 16वें वित्त आयोग ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था कि अब आरडीजी (RDG) की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी, तो ऐसे में कांग्रेस का इस मुद्दे पर विलाप करना पूरी तरह निराधार है, क्योंकि केंद्र से मदद प्राप्त करने के अन्य कई संवैधानिक और प्रभावी तरीके मौजूद हैं, जिनके लिए टकराव की बजाय सही ढंग से बात रखनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपनी सरकार के वित्तीय कुप्रबंधन और विफलताओं का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ रहे हैं, जबकि सत्य यह है कि केंद्र ने हमेशा उदारता दिखाई है और भविष्य में भी सहायता जारी रहेगी, इसलिए मुख्यमंत्री को चाहिए कि वे आरडीजी का राग अलापना छोड़कर इस बात पर गंभीर चिंतन करें कि राज्य की आय के संसाधन वास्तव में कैसे बढ़ाए जाएं। जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार द्वारा आय बढ़ाने के नाम पर बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर लगाए गए भारी ‘एंट्री टैक्स’ की भी कड़ी आलोचना की और चेतावनी दी कि बिना सोचे-समझे उठाया गया यह कदम हिमाचल के पर्यटन उद्योग के लिए आत्मघाती सिद्ध हो सकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल एक प्रमुख पर्यटन राज्य है और इस प्रकार की बेतहाशा कर वृद्धि से पर्यटकों की संख्या में गिरावट आ सकती है, जिसका सीधा असर स्थानीय कारोबारियों पर पड़ेगा।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने विशेष रूप से ऊना, सोलन, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जैसे सीमावर्ती जिलों की भौगोलिक और सामाजिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों के लोगों के पारिवारिक और व्यापारिक रिश्ते सीमा के दोनों ओर हैं, ऐसे में इस भारी टैक्स का बोझ आम जनता की जेब पर अनावश्यक रूप से पड़ेगा जिससे बॉर्डर जिलों में भारी असंतोष और दिक्कतें पैदा होंगी। प्रशिक्षण शिविर के दौरान कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए जयराम ठाकुर ने आह्वान किया कि वे सुक्खू सरकार की इन जनविरोधी नीतियों और केंद्र के प्रति किए जा रहे दुष्प्रचार का पुरजोर विरोध करें और जनता के बीच जाकर कांग्रेस की असलियत को उजागर करें। इससे पूर्व उनका यहां पहुंचने पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। उनके साथ स्थानीय भाजपा विधायक एवं पूर्व पार्टी अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती और अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
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भाजपा एक जिम्मेदार दल, कांग्रेस केवल शोर मचाकर प्रदेश की जनता को कर रही गुमराह : जयराम ठाकुर
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