वर्ष 2007 का ICC Cricket World Cup फाइनल क्रिकेट इतिहास के सबसे विवादित मैचों में गिना जाता है। मैच के आखिरी ओवर लगभग अंधेरे में खेले गए थे।
इसकी वजह यह थी
फाइनल Australia national cricket team और Sri Lanka national cricket team के बीच 28 अप्रैल 2007 को Kensington Oval में खेला गया।
बारिश के कारण मैच पहले 50 ओवर से घटाकर 38-38 ओवर का किया गया। बाद में श्रीलंका की पारी भी 36 ओवर की कर दी गई।
जब श्रीलंका की पारी का 33वाँ ओवर समाप्त हुआ, तब रोशनी बहुत कम हो चुकी थी और अंपायरों ने खराब रोशनी (Bad Light) के कारण खेल रोक दिया। उस समय ऑस्ट्रेलिया Duckworth–Lewis method के अनुसार जीत चुका था, इसलिए ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी जश्न मनाने लगे।
लेकिन अंपायरों ने नियमों की गलत व्याख्या कर दी। उन्होंने कहा कि क्योंकि खेल बारिश नहीं बल्कि खराब रोशनी के कारण रुका है, इसलिए बचे हुए 3 ओवर या तो अगले दिन खेले जाएंगे या यदि संभव हो तो उसी दिन पूरे किए जाएं। बाद में यह निर्णय गलत माना गया।
इसी कारण दोनों कप्तानों—Ricky Ponting और Mahela Jayawardene—ने आपसी सहमति से मैच उसी शाम खत्म करने का फैसला किया। श्रीलंका के कप्तान ने बल्लेबाजों को वापस मैदान पर भेजा और पोंटिंग ने केवल स्पिन गेंदबाजों से गेंदबाजी कराई, ताकि कम रोशनी में तेज गेंदबाजी का खतरा न रहे। आखिरी तीन ओवर लगभग अंधेरे में खेले गए।
बाद में
आईसीसी ने इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक रूप से खेद जताया।
मैच रेफरी Jeff Crowe ने इसे अधिकारियों के बीच “संचार में चूक” (communication breakdown) बताया।
ऑन-फील्ड अंपायर Steve Bucknor और Aleem Dar सहित पाँच मैच अधिकारियों को बाद में फटकार लगाई गई और उन्हें 2007 विश्व टी20 में ड्यूटी से निलंबित किया गया।
इसी वजह से 2007 विश्व कप फाइनल का अंत अक्सर “फार्सिकल फिनिश” (हास्यास्पद/अव्यवस्थित समापन) के रूप में याद किया जाता है।



