नगरोटा बगवां/देहरा : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने कांगड़ा प्रवास के दूसरे दिन नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के बाबा बड़ोह मंडल और तत्पश्चात देहरा मंडल में भाजपा पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं, जिसमें उन्होंने संगठन की मजबूती और आगामी रणनीतियों पर विस्तार से मंथन करने के साथ-साथ वर्तमान कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने प्रदेश की बिगड़ती राजनीतिक और वित्तीय स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नारे को एक खोखला मॉडल करार दिया और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की केवल ‘सब कुछ बंद करने और बदलने’ की जिद ने आज हिमाचल को इस दयनीय मोड़ पर खड़ा कर दिया है। जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपनी प्रशासनिक विफलताओं और गलत निर्णयों का ठीकरा अब केंद्र सरकार के बजट पर फोड़ने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं, जबकि उन्हें अपनी ऊर्जा अगले माह पेश होने वाले प्रदेश के बजट पर केंद्रित करनी चाहिए। उन्होंने जनता को आगाह किया कि सरकार अपनी नाकामियों का बोझ आम आदमी पर डालने की तैयारी में है, क्योंकि एक तरफ चहेते मित्रों को कैबिनेट रैंक बांटकर सरकारी खजाने को खाली किया गया और अब उसी घाटे की भरपाई के लिए जनता पर भारी भरकम टैक्स थोपने की जुगत भिड़ाई जा रही है। बजट से पहले ही ‘बजट का रोना’ रोना मुख्यमंत्री की भविष्य की विफलताओं की पूर्व-तैयारी है, जो यह दर्शाता है कि सरकार के पास विकास का कोई रोडमैप नहीं है। इस दौरान नगरोटा में पूर्व विधायक अरुण कुमार कुक्का और देहरा में भाजपा पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ के कार्यक्रम में पूर्व विधायक होशियार सिंह और कर्मचारी नेता घनश्याम शर्मा भी साथ रहे। उन्होंने स्थानीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर सरकार की जनविरोधी नीतियों को बेनकाब करने का आह्वान किया।
सुक्खू सरकार की नीतियां कर्मचारी और प्रदेश विरोधी
भारतीय जनता पार्टी पूर्व कर्मचारी प्रकोष्ठ, हिमाचल प्रदेश के देहरा में आयोजित अभ्यास वर्ग में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए वर्तमान सुक्खू सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार कर्मचारी-विरोधी और प्रदेश-विरोधी नीतियों पर काम कर रही है, जिससे पूरे प्रदेश के कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। इस कार्यक्रम के दौरान संगठन की भविष्य की भूमिका और आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई, साथ ही जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का संकल्प लिया गया। जयराम ठाकुर ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें एकजुट होकर जनता के हक की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया ताकि सरकार की जनविरोधी नीतियों का प्रभावी ढंग से जवाब दिया जा सके।
झूठी गारंटी या देते समय क्या मुख्यमंत्री को नहीं थी प्रदेश की आर्थिक हालत की जानकारी
जयराम ने कहा कि सरकार आज प्रदेश के वित्तीय स्थिति का रोना रो रही है लेकिन प्रदेश की संपदा अपने मित्रों पर लगातार लुटाए जा रही है। क्या मुख्यमंत्री को प्रदेश की वित्तीय हालत की जानकारी नहींथी। झूठी गारंटियां देते समय कांग्रेस पार्टी के सारे बड़े नेताओं ने खूब सीना ठोक ठोक कर कहा था कि हमारे पास प्लान है। हमने पूरी रिसर्च कर ली है। हम कहां से करेंगे हमें सब कुछ पता है। एक हफ्ते पहले तक मुख्यमंत्री व्यवस्था परिवर्तन से प्रदेश को सबसे समृद्ध राज्य बनाने का दावा कर रहे थे तो उसे समय क्या उन्हें प्रदेश की वित्तीय स्थिति का अंदाजा नहीं था? तीन साल से ज्यादा समय तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए अगर उन्हें प्रदेश के वित्तीय स्थिति की जानकारी नहीं थी और वह अपनी गारंटीयों को पूरा करने का आश्वासन दे रहे थे तो यह स्थिति बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।


