शिमला : शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल सरकार इस तरह संवेदनहीन हो गई है कि उसे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों की आंहें भी सुनाई नहीं दे रही हैं। कम से कम जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे लोगों के इलाज के लिए उन्हें संवेदशीलता दिखानी चाहिए। लोग इलाज के लिए कर्ज लेने पर विवश हैं या इलाज ही नहीं करवा पा रहे हैं। हिमकेयर जैसी योजना पूर्व सरकार ने शुरू की थी, वर्तमान सरकार ने पूरी योजना को गर्त में पहुंचा दिया। कैंसर जैसी बीमारी में अपनी जिंदगी की जंग लड़ रहे लोगों के साथ भी सरकार खड़ी नहीं हो रही है। ऐसे बीमार जो कैंसर से लड़ना चाहते हैं, उन्हें सुक्खू सरकार की नाकामी से लड़ना पड़ रहा है। सुख की सरकार के नाम पर दुःख देने का यह सिलसिला बंद होना चाहिए।
जयराम ने कहा कि सरकार ने किसी न किसी तरह का बहाना बनाकर डेढ़ हज़ार से ज़्यादा स्कूल बंद कर दिए। जिससे स्थानीय बच्चों को भारी असुविधा हुई। आज ही समाचारों में पढ़ा कि चौपाल विधान सभा क्षेत्र के निर्वाचन में एक स्कूल में बच्चे इस ठंड में भी तिरपाल के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं, क्योंकि बारिश में स्कूल की दीवार ढह गई तो सरकार वह दीवार नहीं बनवा पाई। खतरे को देखते हुए स्कूल खाली करवाया और कोई अस्थाई इंतज़ाम भी नहीं किया। बिना शौचालय और अन्य सुविधाओं के तिरपाल में क्या देश के नौनिहालों का भविष्य संवरेगा? बच्चों के अभिभावक धरना देने की बात का रहे हैं। सरकार आए दिन विज्ञापन छपवाती है कि हम सरकारी शिक्षा को विश्व स्तरीय बना रहे हैं और हालत यह है कि बच्चों को सुरक्षित छत तक नसीब नहीं हो पा रही है। प्रचार तंत्र सुक्खू सरकार की नाकामी को कुछ समय के लिए छुपा तो लेगा लेकिन यह हकीकत नहीं बदल सकता है। बड़ी-बड़ी बातें करने के बजाय मुख्यमंत्री को जमीनी हकीकत समझने की आवश्यकता है। प्रदेश का हर वर्ग सरकार से हताश है इसलिए मुख्यमंत्री को सब कुछ सही है का ढोंग करने, झूठे दावे और मन गढ़ंत आंकड़ों के ढोंग से बाहर आना चाहिए।
सुजानपुर में आयोजित महिला सम्मान कार्यक्रम में शामिल होंगे जयराम ठाकुर
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर हमीरपुर के दौरे पर हैं। वह शनिवार शाम हमीरपुर पहुंचे और रविवार को सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत भरेटा ग्राउंड में आयोजित महिला सम्मान कार्यक्रम में मुख्य अथिति के तौर पर शामिल होंगे। जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार ने हर स्तर पर मातृशक्ति के साथ धोखा किया और उनके साथ किए वादे को पूरा भी नहीं किया। सरकार ने हर वर्ग के साथ नाइंसाफी की है।



