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सरकार को उखाड़ फेंकने का जनता ने मन बना लिया : जयराम ठाकुर

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मंडी/करसोग : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर करसोग विधानसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए। सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं देते हुए जनहित के लिए समर्पित रहने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जिस तरीके से स्थानीय निकाय और पंचायती राज के चुनावों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ किया है, उसी तरीके से विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस कहीं नजर नहीं आनी चाहिए। अब लड़ाई जीत की नहीं, जीत के मार्जिन को दोगुना करने की है। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मैं प्रदेश भर में जा रहा हूं। हर जगह लोगों का उत्साह देखकर आने वाले परिणामों का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रदेश के लोगों ने इस नाकाम सरकार को उखाड़ फेंकने का पूरा मन बना लिया है। इस बार भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक जीत होगी और आने वाली डबल इंजन की सरकार प्रदेश में ठप पड़े विकास के कामों को फिर से नई गति के साथ आगे बढ़ाएगी। आपदा से सड़कें तबाह हुईं, लेकिन वे दुरुस्त नहीं की गईं। जिन सड़कों पर पहले गाड़ियां दौड़ती थीं, वे इस कदर तहस-नहस हैं कि उन पर खच्चर चलाने पड़ रहे हैं। विकास के काम पर तो सरकार ने ‘फुलस्टॉप’ लगा दिया है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर सत्ता चलाने का दावा करने वाले मुख्यमंत्री कैबिनेट बैठकें भी नहीं कर पा रहे हैं। कई बार अपरिहार्य कार्यों से कैबिनेट बैठक टाली जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता का ही नहीं, अपने विधायकों और मंत्रियों का भी भरोसा खो दिया है। वह सिर्फ मित्र मंडल की सुनते हैं और उन्हीं के भले के लिए काम करते हैं। चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर भी मुख्यमंत्री के पास बताने के लिए अपनी एक भी योजना नहीं है, जबकि पूर्व सरकार की अनेकों योजनाएं बंद करने का श्रेय उन्होंने हासिल किया है। जिन भी योजनाओं की आम लोगों में प्रशंसा होती है, जो योजनाएं लोगों की जुबान पर हैं, उन्हें बंद करने में मुख्यमंत्री एक मिनट की भी देरी नहीं लगाते हैं। सत्ता संभालने के बाद झूठ बोलने और पूर्व सरकार की योजनाओं और संस्थाओं को बंद करने का काम मुख्यमंत्री ने बिना रुके पूरी ईमानदारी से किया है। कांग्रेस के नेता अब लोगों के बीच जाने से कतराते हैं, क्योंकि पुरानी योजनाएं बंद करने के अलावा उनके पास बताने के लिए अपना कोई काम नहीं है। ‘प्रदेश के लोगों ने भी अब इस ‘लॉकप्रिय’ सरकार को ऑल्टो में फिट करने का मन बना लिया है। अपनी नाकामी छिपाने के लिए ही हिमाचल प्रदेश की सरकार संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रही है।

नेता प्रतिपक्ष ने संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने, वोट चोरी का आरोप लगाने और देश में अराजकता को बढ़ावा देने को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस हमेशा से चाहती है कि संवैधानिक संस्थाएं उनके इशारे पर चलें और जब भी उन्हें सत्ता मिली, उन्होंने यही काम किया। पहले चुनाव आयुक्तों को पद्म विभूषण और पद्म भूषण तक दिए गए। मुख्य चुनाव आयुक्त को मंत्री से लेकर गवर्नर तक बनाया गया।

कांग्रेस के समय में ही मुख्य चुनाव आयुक्त ने चुनाव आयुक्त रहे नवीन चावला द्वारा कांग्रेस को खबरें लीक करने की शिकायत की, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई करने के बजाय उन्हें मुख्य चुनाव आयुक्त बना दिया गया। एक मुख्य चुनाव आयुक्त वी.एस. रमादेवी को कांग्रेस ने हिमाचल का राज्यपाल बनाया और उन्होंने बिना बहुमत के ही कांग्रेस की सरकार बनवा दी। उन्होंने भाजपा के विधायकों द्वारा सरकार बनाने के दावे की चिट्ठी लेना तो दूर, उनसे मिलना भी जरूरी नहीं समझा। जिन्होंने सत्ता के अहंकार में संवैधानिक संस्थाओं की तनिक भी परवाह नहीं की, आज वे जब संवैधानिक संस्थाओं को संविधान की मर्यादा में रहकर काम करते देख रहे हैं, तो इसे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। राहुल गांधी को यह स्वीकार करना होगा कि देश के लोगों ने उन्हें नकार दिया है और एक चुने हुए प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी देश की सेवा कर रहे हैं। इसलिए उन्हें अराजकता फैलाने की बजाय जनादेश का सम्मान करना चाहिए।

इस दौरान हिमाचल भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारी लाल शर्मा, जिला अध्यक्ष हीरालाल, करसोग विधायक दीपराज समेत अन्य स्थानीय पदाधिकारी, नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग भारी संख्या में उपस्थित रहे।

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