दुनिया का सबसे छोटा देश वेटिकन सिटी (Vatican City) है, जिसे औपचारिक रूप से वेटिकन सिटी स्टेट कहा जाता है। यह इटली के रोम शहर के बीचों-बीच स्थित एक स्वतंत्र संप्रभु देश है। इसका क्षेत्रफल मात्र 0.49 वर्ग किलोमीटर है, यानी एक बड़े पार्क जितना, और यह एक पैदल यात्री द्वारा आधे घंटे में भी घूम लिया जा सकता है। यूरो वेटिकन सिटी की मुद्रा है। वेटिकन सिटी यूरोपीय संघ का सदस्य नहीं है। यूरो 2002 से वेटिकन सिटी की आधिकारिक मुद्रा है।
जनसंख्या
वेटिकन सिटी की आबादी लगभग 800 से 825 लोगों के बीच रहती है, जिसमें ज्यादातर लोग धार्मिक और प्रशासनिक कार्यों से जुड़े होते हैं। यहां की स्थायी नागरिकता बहुत सीमित है—अधिकांश नागरिक पोप, कार्डिनल, पादरी, नन, और स्विस गार्ड (सुरक्षा बल) के सदस्य होते हैं। यहां के लगभग 370 लोग विदेश में रहते हैं।
इतिहास
प्राचीन काल में, वर्तमान वेटिकन क्षेत्र रोम साम्राज्य का हिस्सा था और इसे धार्मिक स्थल के रूप में सम्मानित किया जाता था।
चौथी शताब्दी में यहां ईसाई धर्म का केंद्र बनने की प्रक्रिया शुरू हुई, जब संत पीटर की कब्र पर पहला चर्च (पुराना सेंट पीटर्स बेसिलिका) बनाया गया।
मध्यकाल में यह स्थान पोप के आध्यात्मिक और राजनीतिक शासन का केंद्र बन गया।
1870 में इटली के एकीकरण के दौरान पोप ने रोम पर अपना राजनीतिक नियंत्रण खो दिया, और वेटिकन केवल धार्मिक केंद्र बनकर रह गया।
1929 में, लेट्रन संधि (Lateran Treaty) के तहत इटली और पवित्र सागर (Holy See) के बीच समझौता हुआ, जिससे वेटिकन सिटी को एक स्वतंत्र और संप्रभु देश का दर्जा मिला।
विशेषताएं
वेटिकन सिटी का शासन पोप के हाथ में होता है, जो रोमन कैथोलिक चर्च के प्रमुख भी हैं।
यहां दुनिया के सबसे प्रसिद्ध धार्मिक और ऐतिहासिक भवन हैं, जैसे सेंट पीटर्स बेसिलिका, सिस्टिन चैपल, और वेटिकन म्यूजियम।
यह देश न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि कला और वास्तुकला के मामले में भी विश्व में अद्वितीय है।



