काजा (लाहुल-स्पीति) : फरवरी महीने के अभी दो सप्ताह ही बीते हैं। इस बार बारिश और हिमपात कम हुआ है। इस कारण इस बार तापमान कुछ ज्यादा है। हालांकि न्यूनतम तापमान कम व ज्यादा हो रहा है। अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस अधिक चल रहा है। हिमाचल के जनजातीय जिला लाहुल-स्पीति में अभी कई स्थानों पर तापमान माइनस में चल रहा है। वीरवार को भी लाहुल-स्पीति के ताबो में न्यूनतम तापमान -9.9 डिग्री सेल्सियस था।
बर्फ के कैफे में लगाई हैं लाइटें
माइनस तापमान में अब भी कई जगह पानी जम रहा है। जमे पानी में बने बर्फ के कैफे का नजारा काजा के लिंग्ती गांव में इन सर्दियों में देखा जा सकता है। लिंग्ती एक खूबसूरत गांव है। कैफे को देखकर कोई भी हैरान रह जाएगा। गांव वालों ने बड़ी बारीकी से इस गुफा जैसे कैफे को बनाया है। इसके अंदर लाइटें लगाकर सजाया है। एक छोटा सा पानी का झरना भी अंदर बहता दिख रहा है। इस गुफा कैफे में चाय और मैगी मिलती है। बर्फ में ऐसा कैफे लोगों का ध्यान खींच रहा है।

इस तरह के कैफे लद्दाख में भी मिलते हैं। लेह-मनाली नेशनल हाईवे पर भी आइस कैफे बनते हैं। यहां मसाला चाय, जिंजर-टी, बटर-टी और मसाला मैगी मिलती है। इसे बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन ने स्थानीय युवाओं के साथ मिलकर बनाया था। यह लद्दाख के मीरू गांव के पास है। इसके अंदर इंसान रेस्तरां की तरह बैठ सकता है और चहलकदमी भी कर सकता है। कैफे को एन्वायर्नमेंट फ्रेंडली बनाया जाता है। बर्फ पिघलने पर पानी को स्टोर किया जाएगा और सिंचाई के काम आएगा।



