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महिला प्रशिक्षु चिकित्सक से दुष्कर्म एवं हत्या मामले में दोषी को आजीवन कारावास, अदालत ने इसे रेयरेस्ट आफ रेयर केस नहीं माना

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महिला प्रशिक्षु चिकित्सक से दुष्कर्म एवं हत्या मामले में दोषी को आजीवन कारावास, इसे रेयरेस्ट आफ रेयर केस नहीं माना

कोलकाता : सियालदह की अदालत के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिर्बान दास ने प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या के दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने सोमवार दोपहर बाद अपना फैसला सुनाते हुए दोषी संजय राय पर 50,000 रुपये जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने कहा कि यह रेयरेस्ट आफ रेयर मामला नहीं है। पीड़ित परिवार को उसकी मौत के लिए 10 लाख रुपये मुआवजा और 7 लाख रुपये अतिरिक्त दिया जाना चाहिए। इससे पहले सरकारी आरजी कर मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में महिला प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में संजय राय को कोलकाता की अदालत ने दो दिन पहले दोषी करार दिया था।

नवंबर को सुनवाई शुरू हुई और नौ जनवरी को पूरी हुई थी

लगभग 50 गवाहों को मामले की जांच में शामिल किया। सिविक वालंटियर संजय राय मामले में मुख्य आरोपी था। फैसला सुनाते समय सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट रूम की घेराबंदी की गई थी। अदालत के बाहर लगभग 300 सुरक्षाकर्मी तैनात किए थे। इससे पहले बंद कमरे में 12 नवंबर को सुनवाई शुरू हुई। नौ जनवरी को पूरी हुई थी।संजय को आरजी कर अस्पताल के सेमिनार रूम में 31 साल की चिकित्सक का शव पाए जाने के एक दिन बाद 10 अगस्त, 2024 को गिरफ्तार किया था। उस पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 (दुष्कर्म), 66 (मौत की वजह बनने के लिए सजा) और 103 (1) (हत्या) के तहत आरोप लगाए गए थे।

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