महाराष्ट्र में भवानी माता के कई मंदिरों से यह मान्यता जुड़ी है कि माता की मूर्ति का आकार बदलता है। सबसे प्रसिद्ध कथा तुलजापुर भवानी मंदिर (जिला उस्मानाबाद, महाराष्ट्र) से जुड़ी है। यहाँ माता भवानी की मूर्ति को “तुलजाभवानी” कहा जाता है। मान्यता है कि यह मूर्ति सजीव (जाग्रत) है और भक्तों की भक्ति व समय के अनुसार इसका आकार बदलता रहता है।
मान्यता यह है कि
कभी मूर्ति छोटी दिखाई देती है, कभी बड़ी।
दर्शन करने वाले को मूर्ति का रूप अलग-अलग दिखाई दे सकता है।
स्थानीय लोग इसे माता की चेतना शक्ति और अलौकिक चमत्कार मानते हैं।
इतिहासकार बताते हैं कि यह मूर्ति प्राचीन काल से “स्वयंभू” (स्वतः प्रकट) मानी जाती है।
छत्रपति शिवाजी महाराज भी तुलजाभवानी के भक्त थे और उन्होंने यहाँ से ही अपनी भवानी तलवार प्राप्त की थी।
Author: speedpostnews
Post Views: 89



