मंडी : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने गृह क्षेत्र सराज के बालीचौकी में आयोजित एक विरोध प्रदर्शन और नवनिर्वाचित पंचायती राज प्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। राज्य में बढ़ती अराजकता, चरम पर पहुंचे भ्रष्टाचार, चरमराती प्रशासनिक व्यवस्था और हर मोर्चे पर सरकार की नाकामी के खिलाफ आरोप लगाते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू केवल अपनी कुर्सी बचाने में व्यस्त हैं और प्रदेशहित को दरकिनार कर पूरी तरह गांधी परिवार के पिछलग्गू बन चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की बदले की भावना और गलत नीतियों के कारण हिमाचल में विकास की रफ्तार पूरी तरह थम चुकी है, युवा रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं और पूर्व भाजपा सरकार द्वारा जनहित में चलाई गई कल्याणकारी योजनाओं को तानाशाही रवैये से बंद कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि आपदा में नष्ट हुए अनगिनत स्कूलों में से सरकार को केवल वही एक स्कूल दिखा जहां कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी का दौरा प्रस्तावित था, और एक नेता के स्वागत के चक्कर में मासूम बच्चों को पूरे एक साल तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा गया, जिस पर आखिरकार माननीय हाईकोर्ट को कड़ा दखल देना पड़ा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू अपनी कुर्सी बचाने के लिये दिल्ली की दौड़ लगा रहे हैं। उन्हें प्रदेश के विकास से कोई लेना देना नहीं है। प्रदेश में कई स्कूल आपदा में नष्ट हुए लेकिन मुख्यमंत्री को सिर्फ एक स्कूल दिखाई दिया जहां आपदा में इनकी नेता प्रियंका गांधी तब आई जब सब कुछ सामान्य हो गया था। किसी एक नेता के इंतजार में पूरा एक साल बच्चों को इन्होंने सुविधा से बंचित रखा। सिर्फ एक गांधी परिवार को खुश करने के लिए मुख्यमंत्री ने सारे कायदे कानून ताक पर रखे और प्रियंका गांधी को उद्घाटन के लिए बुलाने पर अड़े रहे लेकिन उन्होंने तीनों बार कार्यक्रम में आने से इंकार किया तो माननीय हाईकोर्ट को दखल देना पड़ा कि आप किसी नेता के इंतजार में बच्चों को सुविधाओं से बंचित नहीं रख सकते। इस मामले में जहां मुख्यमंत्री ने अपनी फजीहत तो करवाई ही वहीं प्रदेश की जनता ने देख भी लिया कि इनकी नेता प्रियंका गांधी इन्हें गंभीरता से लेती ही नहीं। उन्होंने कहा कि हम प्रियंका गांधी को खुला निमंत्रण देते हैं कि आप पहले आपदा में तबाह हुए सभी स्कूलों को बनाओ हम आपको फिर उदघाटन के लिए स्वागत करेंगे।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश की जनता का भरोसा तोड़ा है और अब केवल गांधी परिवार के इशारे पर नाच रहे हैं। पूरे देश ने देखा और सुना कि कांग्रेस नेताओं ने ही ये सवाल खड़ा किया कि मुख्यमंत्री किसको अटैची लेकर दिल्ली जाते हैं और कितनी उनके नाम से इकट्ठा करके अपना घर भर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी अब आपके बस में नहीं रह गया है और आप प्रदेशहित में कुर्सी छोड़ दें। हम एक जिम्मेवार विपक्ष की भूमिका में हैं। विपक्ष के नेता के नाते मुझे ही जनता की आवाज़ सबसे पहले उठानी होती है लेकिन मुख्यमंत्री मेरे सवाल उठाने से ही असहज हो जाते हैं। मैंने कई सरकारों को आते जाते देखा है। ये पहली सरकार है जिसे अपनी आलोचना करने वाले पसंद नहीं हैं और कोई सवाल उठाए तो उनके खिलाफ़ एफआईआर दर्ज की जाती है। हमारे पार्टी के अध्यक्ष, विधायक और एक दर्जन नेताओं के खिलाफ मामले बनाए जा चुके हैं। उन्हें घंटों थाने बुलाकर तंग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सिर्फ बदले की भावना से काम कर रहे हैं जो सही परम्परा नहीं है। मेरे क्षेत्र में आते ही पचास संस्थान बंद कर दिये। यहां सिविल अस्पताल का भवन बनकर तैयार है लेकिन इसको डिनोटिफाई करके चार साल से ताला तक नहीं खुलवाया गया है। अगर यहां स्वास्थ्य सुविधाएं चलने दी होती तो हमारी सराज की बेटी मंजू देवी की कुल्लू अस्पताल में दुःखद मृत्यु नहीं होती।
उन्होंने कुल्लू के विधायक सुंदर ठाकुर के बयान पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि स्वास्थ्य संस्थान लोगों की जिंदगी बचाने के लिए होते हैं लेकिन कांग्रेस के इन महाशय ने कहा कि सराज के लोग यहां कुल्लू इलाज के लिये क्यों आ रहे हैं जो दुर्भाग्यपूर्ण बात है। यहां आपकी सरकार ने सुविधाएं देना तो दूर बने हुए भवनों पर भी ताले लटकाए हैं उसपर मुख्यमंत्री से सवाल करें। इसके बाद उन्होंने बालीचौकी के नवनिर्वाचित जन प्रतिनिधियों के सम्मेलन में सबका मार्गदर्शन किया और दावा किया कि बदले की भावना से काम करने वाली ये सरकार चंद दिनों की मेहमान है। प्रचंड बहुमत के साथ भाजपा की सरकार 2027 में बनेगी और पंचायत चुनावों के बाद इस जनविरोधी सरकार को उखाड़ फेंकने की ज़मीन पक्की हो चुकी है।


