शिमला: पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शिमला में सुक्खू सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध और प्रशासनिक अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के नाम पर बदले की राजनीति की नई परंपरा शुरू कर रहे हैं, जिसका भारतीय जनता पार्टी सड़क से लेकर विधानसभा सदन के अंदर और बाहर मजबूती से मुकाबला करेगी।
शिमला में भारतीय जनता पार्टी के बैनर तले मुख्यमंत्री आवास तक आयोजित विरोध प्रदर्शन में भाग लेते हुए दो जगह संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा न तो झूठे मुकदमों से डरने वाली है और न ही सरकार के जुल्म-दमन के आगे झुकेगी। जयराम ठाकुर ने दावा किया कि स्थानीय निकायों व पंचायती राज चुनावों में मिले जनविरोधी जनादेश और पार्टी प्रभारी द्वारा दिल्ली में हाईकमान को सौंपी गई असंतोष व नेतृत्व परिवर्तन की रिपोर्ट के बाद मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी जाने के डर से बौखला गए हैं। इसी बौखलाहट और ध्यान भटकाने के उद्देश्य से अधिकारियों पर अनैतिक दबाव बनाकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, विधायक सुखराम चौधरी, सुधीर शर्मा, आशीष शर्मा, पूर्व विधायक होशियार सिंह, राजेंद्र राणा, नवनिर्वाचित जिला परिषद सदस्यों तथा पंचायत प्रधानों के खिलाफ एक के बाद एक दर्जन भर फर्जी एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करने वाले पत्रकारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स को भी प्रताड़ित कर उनके पेज बंद कराए जा रहे हैं। राजनीतिक दबाव में कठपुतली बने अधिकारियों को आगाह करते हुए उन्होंने कहा कि वे कानून और संविधान की मर्यादा में रहकर काम करें, क्योंकि इस सरकार की कार्यशैली और बदले की भावना से तंग आकर कई अधिकारी पहले ही दिल्ली जा चुके हैं।
प्रदेश की कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि शिमला में पुलिस कंट्रोल रूम के बाहर दिनदहाड़े हत्या, मुख्यमंत्री आवास के समीप महिला स्कूल संचालिका की गोलियों से हत्या, बिलासपुर में कुल्हाड़ी से हमला और ऊना में अंधाधुंध गोलीबारी यह साबित करती है कि राज्य में कानून-व्यवस्था का जनाजा निकल चुका है और पुलिस अधिकारी जनता की सुरक्षा के बजाय आपस में उलझे हुए हैं। भ्रष्टाचार पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने ही जगजाहिर कर दिया है कि अटैची का दौर खत्म होकर अब लेन-देन ट्रकों तक पहुंच चुका है। जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि वे राजनीतिक भविष्यवाणी और प्रतिशोध की जगह प्रदेश के विकास व जनसमस्याओं पर ध्यान दें, वरना आने वाले चुनावों में प्रदेश की जनता कांग्रेस प्रत्याशियों की जमानतें जब्त करवा देगी।


