पुणे (महाराष्ट्र) : पुणे में मंगेतर हत्याकांड का मामला अभी जांच के अधीन है, इसलिए पुलिस के आरोपों और अदालत में सिद्ध तथ्यों में अंतर हो सकता है। अब तक की जांच के अनुसार घटनाक्रम इस प्रकार बताया गया है:
मृतक केतन अग्रवाल की सगाई सिया गोयल से हुई थी। पुलिस का आरोप है कि सिया का चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध था और दोनों शादी में केतन को बाधा मानते थे।
जांच के मुताबिक, दोनों ने कई बार केतन को लोहागढ़ किला ले जाकर हत्या करने की कोशिश की। एक बार वह बच गया, दूसरी और तीसरी कोशिश अलग-अलग कारणों से सफल नहीं हो सकी।
पुलिस का कहना है कि 17 जून को दोनों एक कैफे में मिले और अगले दिन की योजना बनाई। कथित तौर पर उन्होंने किले पर ऐसी जगह चुनी जहां कम लोग हों और घटना को दुर्घटना जैसा दिखाया जा सके।
18 जून को केतन को ट्रेकिंग के बहाने लोहागढ़ किले ले जाया गया। पुलिस के अनुसार, वहां उसे गहरी खाई में धक्का दिया गया। शुरुआत में इसे फिसलकर गिरने की दुर्घटना बताया।
बाद में परिवार के संदेह, गवाहों के बयान, मोबाइल फोन के तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और अन्य जांच के आधार पर पुलिस को हत्या की साजिश का संदेह हुआ। इसके बाद सिया गोयल और चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया गया।
ताजा पूछताछ में दोनों आरोपी एक-दूसरे पर हत्या की योजना बनाने का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इस विरोधाभास के बावजूद जांच जारी है और अंतिम निर्णय अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।
यह मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। अंतिम निष्कर्ष अदालत के फैसले के बाद ही माना जाएगा


