मंडी : पंचायतीराज चुनावों में अपनी हार देख कांग्रेस पार्टी मैदान छोड़कर भाग गई है। स्थानीय निकाय चुनाव में जीत के बड़े-बड़े झूठे दावे करने के बाद अब कांग्रेस नेता जनता से मुँह छिपाते फिर रहे हैं। सत्ता के इस सेमीफाइनल में जिस प्रकार से जनता ने भाजपा के पक्ष में जनसमर्थन और विश्वास दिखाया है, उससे कांग्रेस सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने वीरवार को अपने आवास पर प्रथम चरण में जीत हासिल कर मिलने पहुंचे नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से भेंट के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस पार्टी के नेताओं को आभास हो चुका था कि इस बार पंचायत चुनावों में बुरी तरह पीटेंगे तो इन्होंने चुनाव से दूरी बनाना ही उचित समझा। मुख्यमंत्री ने स्थानीय निकाय चुनाव के परिणाम निकलते ही झूठे आंकड़े पेश कर पंचायत चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास किया लेकिन प्रथम चरण चुनाव में ही उन्हें निराशा मिली। आनन-फानन में आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन कर बिना चुनाव आयोग को सूचित किये कैबिनेट की बैठक कर डाली और ऐसे निर्णय लेकर लोगों को लुभाने का प्रयास किया ताकि जनता कांग्रेस के पक्ष में वोट करे लेकिन जनता इनकी चालाकी समझ चुकी है। इनके लोकलुभावन फैसलों की परवाह किए बगैर जनता ने भाजपा के साथ चलना स्वीकार किया।
जयराम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को झूठ के सहारे जनता के वोट हासिल करने की आदत पड़ गई है लेकिन इस बार जनता ने कांग्रेस को आईना दिखा दिया। कांग्रेस नेताओं ने विधानसभा चुनाव से पहले झूठी गारंटियों के सहारे जनता को ठगने का प्रयास किया था और इस बार फिर स्थानीय निकाय में 50-50 लाख से लेकर एक करोड़ तक में पार्षदों को खरीदने का प्रयास किया। पंचायत चुनाव में भी मतदान से एक दिन पहले कैबिनेट में कई घोषणाएं और फैसले लेकर जनता को ठगने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इन पैंतरों से अब कोई फायदा उन्हें नहीं मिलने वाला है। जनता ने ठान लिया है कि जिस सरकार ने उनके साथ झूठी गारंटियां देकर छल किया है उस कांग्रेस सरकार को जड़ से उखाड़ फेंकना है। जयराम ठाकुर ने जनप्रतिनिधियों को विश्वास दिलाया कि उन्हें कहीं भी विकास कार्यों में अनदेखी होने नहीं दी जाएगी और जनता की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए विकास को बिना किसी भेदभाव के सभी क्षेत्रों में करवाया जाएगा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आह्वान किया कि ईमानदारी के साथ अपने दायित्व का निर्वहन करें और अपने अपने इलाकों में विकास के कार्यों को आगे बढ़ाएं। हमारा क्षेत्र आपदा के कारण बहुत नुकसान झेल चुका है और लोगों को इस संकट से बाहर निकालने में जुट जाएं।


