नए साल की शुरुआत
हे! माँ काली
तेरे विश्वास पर करता हूँ।
मानता हूँ
कि मैं खास नहीं
मगर तेरे ऐतबार पर
नए साल पर
एक नई शुरुआत करता हूँ।
छोड़ चुके हैं जो लोग
उनको भुलाने की एक
कोशिश करता हूँ,
और जो आ रहे हैं जीवन में
बनकर तेरा साया
उनको अपनाने की कोशिश करता हूँ।
ढूंढता रहा हर साल
हर इंसान में
खुशियां अपनी
अब शून्य में लीन होकर
गुरुदेव शिव पर ऐतबार करता हूँ।
डॉ. राजीव डोगरा
कांगड़ा हिमाचल प्रदेश (युवा कवि लेखक)
(हिंदी अध्यापक)
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कांगड़ा हिमाचल प्रदेश
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