अपराध मापने के कई तरीके हैं। कुल दर्ज अपराध, प्रति लाख आबादी अपराध दर, हत्या दर, संगठित अपराध, साइबर अपराध आदि। इसलिए “सबसे ज्यादा अपराध” की सूची अलग-अलग रिपोर्टों में बदल सकती है। आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय अपराध सूचकांकों, हत्या दर और संगठित अपराध के आधार पर जिन देशों का अक्सर उल्लेख होता है, उनमें ये देश शामिल हैं:
वेनेजुएला
प्रमुख अपराध: हत्या, अपहरण, लूट, गैंग हिंसा, हथियारबंद डकैती
कारण: आर्थिक संकट, राजनीतिक अस्थिरता, बेरोजगारी और गैंग गतिविधियां
राजधानी कराकस लंबे समय तक दुनिया के सबसे खतरनाक शहरों में गिनी जाती रही है।
दक्षिण अफ्रीका
प्रमुख अपराध: हत्या, बलात्कार, कारजैकिंग, घरों में डकैती
यहां महिलाओं के खिलाफ अपराध और हिंसक अपराधों की दर काफी ऊंची मानी जाती है।
बड़े शहरों में गैंग अपराध भी बड़ी समस्या हैं।
मेक्सिको
प्रमुख अपराध: ड्रग कार्टेल हिंसा, हत्या, अपहरण, तस्करी
कई क्षेत्रों में ड्रग माफिया और संगठित अपराध समूहों का प्रभाव है।
पत्रकारों और राजनीतिक नेताओं पर हमले भी चर्चा में रहते हैं।
ब्राज़ील
प्रमुख अपराध: हत्या, गैंगवार, नशीले पदार्थों की तस्करी, लूट
कुछ बड़े शहरों में फेवे ला (झुग्गी बस्तियों) में गैंग नियंत्रण की समस्या रही है।
मोबाइल और सड़क लूट के मामले भी काफी होते हैं।
अफगानिस्तान
प्रमुख अपराध: आतंकवाद, हथियारों की तस्करी, अपहरण, नशीले पदार्थों का कारोबार
लंबे समय से संघर्ष और राजनीतिक अस्थिरता के कारण कानून-व्यवस्था प्रभावित रही है।
इसके अलावा संयुक्त राज्य अमेरिका, कोलंबिया और नाइजीरिया भी कुछ श्रेणियों में उच्च अपराध दर के लिए चर्चा में रहते हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि
किसी देश में अपराध ज्यादा दर्ज होना कभी-कभी बेहतर पुलिस रिपोर्टिंग का संकेत भी होता है।
छोटे देशों में प्रति लाख आबादी अपराध दर अधिक हो सकती है, जबकि बड़े देशों में कुल अपराध संख्या अधिक होती है।
युद्ध, गरीबी, बेरोजगारी, नशा तस्करी और कमजोर कानून व्यवस्था अपराध बढ़ाने के प्रमुख कारण माने जाते हैं।


