Home » देवभूमि हिमाचल » जेलों में भी धड़ल्ले से बिक रहा नशा, सड़कों पर मर रहे लोग, नशे के खिलाफ मुख्यमंत्री का अभियान सिर्फ दिखावा : जयराम ठाकुर

जेलों में भी धड़ल्ले से बिक रहा नशा, सड़कों पर मर रहे लोग, नशे के खिलाफ मुख्यमंत्री का अभियान सिर्फ दिखावा : जयराम ठाकुर

Facebook
Twitter
WhatsApp

शिमला : शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में नशे की स्थिति भयावह होती जा रही है। जिस प्रदेश को कभी शांत और सुरक्षित माना जाता था, आज वहां नशा गांव-गांव तक पहुंच चुका है। आए दिन नशे के ओवरडोज़ से लोगों की जान जा रही है। सबसे गंभीर बात यह है कि अब जेलों के भीतर भी नशा मिलने की घटनाएं सामने आ रही हैं। जो अपराधियों के सुधरने का स्थान है, वहीं नशे का कारोबार चल रहा है। इसी से प्रदेश में नशे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है। आज भी बीबीएन में एक युवक की नशे के ओवरडोज़ से मौत का मामला सामने आया है। यह आए दिन की बात है। जब लोग खुलेआम नशे का सेवन करते पाए जा रहे हैं तो सरकार कर क्या रही है।

जयराम ने कहा कि नशे के खिलाफ कार्रवाई के लिए गठित विशेष कार्य बल (एसटीएफ) के कुछ कर्मियों के खिलाफ भी नशा तस्करों से मिलीभगत का मामला सामने आ चुका है। बड़े अधिकारियों के मातहतों और कई सरकारी कर्मचारियों के नशे में संलिप्तता के मामले सामने आए हैं। जिन पर नशा रोकने की जिम्मेदारी है, यदि उन्हीं पर सवाल उठने लगें तो सरकार को आत्ममंथन करना चाहिए। प्रदेश में ऐसा वातावरण बन गया है कि नशा माफिया बेखौफ होकर काम कर रहा है। सरकार की कार्रवाई केवल अखबारों की सुर्खियां बटोरने और इवेंट मैनेजमेंट तक सीमित दिखाई देती है। वास्तविकता यह है कि प्रदेश के कोने-कोने में नशा पहुंच चुका है और युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं। सरकार नशे के नेटवर्क को तोड़ने में पूरी तरह असफल साबित हुई है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि यदि जेलों तक नशा पहुंच रहा है तो यह सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर सेंध का मामला है। इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सरकार को केवल बड़े-बड़े दावे करने के बजाय नशा तस्करों के पूरे नेटवर्क और उन्हें संरक्षण देने वाले लोगों पर निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति की पक्षधर है। प्रदेश के युवाओं का भविष्य बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान सरकार इस मोर्चे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है। हिमाचल की जनता जवाब चाहती है कि आखिर नशा माफिया को संरक्षण कौन दे रहा है और सरकार इस पर प्रभावी अंकुश लगाने में क्यों नाकाम है।

एचआरटीसी की बदहाल बसें लोगों की जान से खेल रही हैं
जयराम ठाकुर ने कहा कि एचआरटीसी की खस्ता हालत और सड़कों पर दौड़ रही जर्जर बसें आए दिन प्रदेशवासियों की जान से खिलवाड़ कर रही हैं। लगातार सामने आ रही दुर्घटनाएं, तकनीकी खराबियां और रास्ते में बसों के बंद होने की घटनाएं सरकार की घोर लापरवाही का परिणाम हैं। प्रदेश की जीवनरेखा मानी जाने वाली एचआरटीसी को मजबूत करने के बजाय सुक्खू सरकार ने इसे बदहाली के हालात में पहुंचा दिया है। सरकार केवल घोषणाओं और प्रचार तक सीमित है, जबकि यात्रियों की सुरक्षा गंभीर संकट में है। प्रदेशवासियों की जान के साथ इस तरह का खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।

speedpostnews
Author: speedpostnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *