जापान दुनिया में अपनी स्वच्छता, अनुशासन और नई सोच के लिए प्रसिद्ध है। वहां लोग छोटी-छोटी बातों को भी गंभीरता से लेते हैं और उनमें से एक है सड़कों पर गड्ढों का समाधान। कई जगहों पर जापानी लोग गड्ढों को अस्थायी रूप से मिट्टी से भरकर उसमें धान या छोटे पौधे लगा देते हैं। यह केवल एक मज़ाकिया या प्रतीकात्मक कदम नहीं होता, बल्कि इसके पीछे गहरा संदेश छुपा होता है।
सबसे पहले तो यह स्थानीय प्रशासन और समाज को यह याद दिलाने का तरीका है कि सड़क की मरम्मत ज़रूरी है। जापान के लोग मानते हैं कि अगर गड्ढों को यूं ही छोड़ दिया जाए तो हादसे हो सकते हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है। इसलिए वे उसमें पौधे लगाकर सबका ध्यान खींचते हैं। जब लोग सड़क पर धान या हरी पौध देख लेते हैं तो तुरंत समझ जाते हैं कि यहां गड्ढा है और सावधान हो जाते हैं।
दूसरी बात, जापानी लोग प्रकृति से गहरा जुड़ाव रखते हैं। उनके लिए धान का पौधा केवल अन्न का प्रतीक नहीं बल्कि संस्कृति और परंपरा का भी हिस्सा है। धान बोकर वे यह संदेश देते हैं कि “जहां कमी है वहां जीवन भी उग सकता है।” यानी नकारात्मक चीज को सकारात्मक रूप देकर समाज को जागरूक करना।
तीसरी खासियत यह है कि ऐसा करने से गड्ढे अस्थायी रूप से भरे भी रहते हैं, ताकि वाहन चालक को झटका न लगे। हालांकि यह कोई स्थायी समाधान नहीं है, लेकिन प्रशासन जब तक सड़क को ठीक करे तब तक यह तरीका काम करता है।
जापान की यह आदत दिखाती है कि वहां लोग समस्या पर केवल शिकायत नहीं करते, बल्कि रचनात्मक ढंग से ध्यान आकर्षित करते हैं। यही कारण है कि जापान दुनिया में अनुशासन और नागरिक भागीदारी का उदाहरण माना जाता है।



