कुल्लू : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भाजपा प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा और प्रदेश संगठन मंत्री सिद्धार्थन की गरिमामयी उपस्थिति में कुल्लू में आयोजित पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों के सम्मान समारोह में शिरकत की, जहाँ उन्होंने सभी विजयी प्रत्याशियों को बधाई देते हुए कहा कि जनता द्वारा व्यक्त किया गया यह विश्वास क्षेत्र के विकास और जनसेवा के प्रति उनकी जिम्मेदारी को और अधिक बढ़ाता है। इस अवसर पर जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने वर्तमान कांग्रेस सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि यह जनादेश सुक्खू सरकार की जनविरोधी नीतियों, वादाखिलाफी और कुशासन के खिलाफ जनता की स्पष्ट नाराजगी को दर्शाता है, जिसने स्थानीय निकाय चुनावों में कांग्रेस को पूरी तरह आईना दिखाने का काम किया है। इस दौरान भुन्तर की नगर पंचायत पार्षद सोनी शर्मा, नगर ब्लॉक समिति कुल्लू के पूर्व अध्यक्ष शशिपाल ठाकुर समेत अन्य लोग भाजपा में शामिल हुए।
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि यह जनभावना आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों में और अधिक प्रबल होगी तथा प्रदेश की जनता इस विकास-विरोधी सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगी, जिसके लिए सभी कार्यकर्ताओं को पूरी तत्परता से सरकार के गलत फैसलों के खिलाफ आवाज उठानी होगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि चुनावों के इन विपरीत परिणामों से मुख्यमंत्री पूरी तरह बौखलाहट में हैं, क्योंकि जो मुख्यमंत्री अपने गृह जिला हमीरपुर और स्वयं के गृह क्षेत्र नादौन में जिला परिषद के तीन सदस्यों को जीत नहीं दिला सके, उन्हें पूरे प्रदेश में जीत के खोखले दावे करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और वे केवल झूठे दावों के सहारे हाईकमान की नजरों में अपनी बड़ी असफलता को छिपाने का प्रयास कर रहे हैं। तंज कसते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि देश में दो ऐसे कांग्रेस नेता हैं जिनके जाने से भाजपा को सीधा फायदा होता है। एक राहुल गांधी जिनके जाते ही भाजपा की जीत सुनिश्चित हो जाती है, और दूसरे मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू जिनकी मौजूदगी में कांग्रेस प्रत्याशियों की जमानत तक जब्त हो जाती है, जैसा कि पश्चिम बंगाल के प्रचार में देखा गया जहाँ कांग्रेस प्रत्याशी को मात्र 650 वोट मिले।
उन्होंने मंडी नगर निगम चुनाव का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने हार के डर से पार्षदों को पचास लाख से एक करोड़ रुपये तक का प्रलोभन देकर कांग्रेस प्रत्याशी को जिताने की अपील की थी, परंतु जागरूक जनता ने उनके 14 में से केवल एक प्रत्याशी को जिताया, और यही हाल धर्मशाला व सोलन में भी हुआ जहाँ भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ नगर निगमों पर कब्जा कर लिया। ठाकुर ने कहा कि इन ऐतिहासिक परिणामों का गहरा प्रभाव साल 2027 तक रहेगा और स्थिति यह हो चुकी है कि हार के डर से मुख्यमंत्री अभी से अपने लिए सुरक्षित सीट की तलाश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें कोई सीट देने को तैयार नहीं है, और जब खुद मुख्यमंत्री ही सुरक्षित नहीं हैं तो उनके मंत्रियों का बचना नामुमकिन है। बाद में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सुक्खू सरकार के अब तक के सभी फैसलों ने प्रदेश का केवल आर्थिक और सामाजिक नुकसान ही किया है। विशेष रूप से बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों के लिए एंट्री टैक्स को 70 रुपये से बढ़ाकर सीधे 170 रुपये करने के अविवेकपूर्ण फैसले से राज्य के अपने लोग और पर्यटन व्यवसाय बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही पंजाब सीमा पर लगने वाले ‘खालसा टैक्स’ की वसूली के गंभीर मुद्दे पर मुख्यमंत्री की ढिलाई की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस विषय पर तत्काल पंजाब सरकार और वहाँ के मुख्यमंत्री से सीधी बात करनी चाहिए थी, क्योंकि हिमाचल प्रदेश एक प्रमुख पर्यटन राज्य है और ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण एवं विवादित फैसलों से राज्य की छवि तथा पर्यटन उद्योग को क्षति पहुँचेगी। इस अवसर पर कुल्लू के प्रभारी बिहारी लाल शर्मा, पूर्व मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर, विधायक सुरेंद्र शौरी, लोकेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष अमित सूद भी उपस्थित रहे।
जयराम ठाकुर बोले, हिमकेयर योजना को चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा बंद
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया है कि सरकार जनता को लाभ पहुंचाने वाली लोकप्रिय ‘हिमकेयर’ योजना को चरणबद्ध तरीके से खत्म करने की साजिश रच रही है। सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि हिमकेयर के तहत अब सरकारी अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन फीस, सामान्य वार्ड बेड शुल्क, नर्सिंग व बोर्डिंग चार्ज, डॉक्टरों व सर्जनों की फीस, ऑपरेशन थियेटर शुल्क, सर्जिकल उपकरण, दवाएं, एक्सरे, और एमआरआई, सीटी स्कैन सहित पैथोलॉजी व रेडियोलॉजी जांच के खर्च को क्लेम से बाहर कर दिया गया है, जबकि खाने का खर्च सरकार पहले ही बंद कर चुकी है। जयराम ठाकुर ने सवाल उठाया कि जब इलाज और जांच से जुड़ी ये तमाम बुनियादी सुविधाएं ही नहीं मिलेंगी, तो आखिर जनता को इस योजना से क्या हासिल होगा। उन्होंने कहा कि हिमकेयर योजना की लोकप्रियता मुख्यमंत्री को पहले दिन से ही खटक रही थी, लेकिन इसके सीधे बंद होने के राजनीतिक नुकसान से डरकर सरकार अब इसे किस्तों में खत्म कर बदनाम करने की कोशिश कर रही है। नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी कि लोगों की जान बचाने वाली इस कल्याणकारी योजना को बंद करने और जनता की जिंदगी से खिलवाड़ करने की सुक्खू सरकार को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।


