Home » देश-परदेस » ग्लोबल वार्मिंग के कारण जकार्ता के कुछ हिस्सों को डूबने से बचाने के लिए इंडोनेशियाई सरकार बना रही दीवार

ग्लोबल वार्मिंग के कारण जकार्ता के कुछ हिस्सों को डूबने से बचाने के लिए इंडोनेशियाई सरकार बना रही दीवार

Facebook
Twitter
WhatsApp

जकार्ता (इंडोनेशिया) दुनिया के उन बड़े शहरों में गिना जाता है, जो ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के खतरे से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। यहां समुद्र का पानी लगातार बढ़ रहा है और शहर के कई हिस्से हर साल बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि अनुमान लगाया गया है कि यदि उपाय नहीं किए गए तो आने वाले दशकों में जकार्ता का एक बड़ा हिस्सा समुद्र में डूब सकता है।

दरअसल, ग्लोबल वार्मिंग के कारण आर्कटिक और अंटार्कटिका की बर्फ तेजी से पिघल रही है, जिससे समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है। साथ ही, जकार्ता की ज़मीन भी धीरे-धीरे धंस रही है, क्योंकि यहां भूजल का अत्यधिक दोहन होता है। इन दोनों कारणों से शहर में पानी भरने का संकट और बढ़ गया है।

स्थिति को काबू करने के लिए इंडोनेशियाई सरकार ने समुद्र के किनारे विशाल “सी वॉल” (दीवार) बनाने का काम शुरू किया है। इस दीवार को “ग्रेट गारुड़ा सी वॉल प्रोजेक्ट” कहा जाता है। इसका आकार गरुड़ (इंडोनेशिया का राष्ट्रीय प्रतीक पक्षी) जैसा बनाया जा रहा है। यह दीवार लगभग 32 किलोमीटर लंबी होगी और इसका उद्देश्य समुद्र के बढ़ते पानी को शहर में घुसने से रोकना है। साथ ही इसके अंदर एक विशाल जलाशय भी बनाया जाएगा, जिससे शहर को पेयजल की आपूर्ति और बाढ़ नियंत्रण दोनों में मदद मिलेगी।

हालांकि यह प्रोजेक्ट बहुत महंगा और जटिल है, फिर भी इसे जकार्ता को डूबने से बचाने की अंतिम उम्मीद माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दीवार के साथ-साथ भूजल के अंधाधुंध इस्तेमाल को भी रोकना होगा और शहर की जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करना होगा।

ग्लोबल वार्मिंग और समुद्र स्तर बढ़ने की वजह से जकार्ता पर डूबने का संकट मंडरा रहा है, और इसी खतरे से बचने के लिए वहां समुद्र किनारे एक विशाल दीवार बनाई जा रही है।

speedpostnews
Author: speedpostnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *