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गणतंत्र दिवस : संविधान हमें अधिकार ही नहीं देता, कर्तव्य भी सिखाता है

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मन्नत रंधावा
26 जनवरी, 1950 को हमारे देश को संविधान मिला, जिसने हर भारतीय को समान अधिकार, समान अवसर और समान सम्मान दिया। आजादी हमें 1947 में मिली, लेकिन उसे सही दिशा देने का काम हमारे संविधान ने किया। डॉ. भीमराव आंबेडकर और उनके साथियों ने ऐसा संविधान बनाया, जो हमें सिर्फ अधिकार नहीं, कर्तव्य भी सिखाता है। यह ऐतिहासिक क्षणों में गिना जाने वाला समय था। इसके बाद से हर वर्ष इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है तथा इस दिन देशभर में राष्ट्रीय अवकाश रहता है। भारतीय संविधान दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान है, जिसमें देश के हर नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार दिया गया है। इस दिन 1950 में हमारा संविधान लागू हुआ था। तब से भारत एक गणतंत्र देश बन गया। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने कितने त्याग किए। हमें उन नेताओं के सपनों को भी याद करना चाहिए, जिन्होंने संविधान लिखा।
राजधानी दिल्ली में बहुत सारे आकर्षक और मनमोहक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। दिल्ली को अच्छी तरह सजाया जाता है कर्त्तव्यपथ पर बड़ी धूमधाम से परेड निकलती है, जिसमें विभिन्न प्रदेशों और सरकारी विभागों की झांकियां होती हैं। देश के कोने-कोने से लोग दिल्ली में 26 जनवरी की परेड देखने आते हैं। भारतीय सेना अस्त्र-शस्त्रों का प्रदर्शन होता है। 26 जनवरी के दिन धूमधाम से राष्ट्रपति की सवारी निकाली जाती है तथा बहुत से मनमोहक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

(लेखिका 11वीं कक्षा की छात्रा, राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला गाहलियां, कांगड़ा)

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Author: speedpostnews

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