भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक अनोखा और गौरवपूर्ण रिकॉर्ड बिशन सिंह बेदी, अनिल कुंबले या रविचंद्रन अश्विन जैसे प्रसिद्ध स्पिनरों के नाम नहीं, बल्कि रमणीय नाडकर्णी के नाम दर्ज है। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में लगातार 21 ओवर मेडन (यानी बिना कोई रन दिए) फेंकने का आश्चर्यजनक रिकॉर्ड बनाया था।
रमणीय नाडकर्णी का रिकॉर्ड
यह उपलब्धि उन्होंने 1964 में मद्रास (अब चेन्नई) में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच में हासिल की थी।
उन्होंने इस मैच में कुल 32 ओवर, 27 मेडन ओवर डाले और सिर्फ 5 रन देकर 1 विकेट लिया।
उनके द्वारा लगातार डाले गए 131 गेंदों (21.5 ओवर) में एक भी रन नहीं बना।
विशेषताएं
नाडकर्णी बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स स्पिनर थे, जिनकी सबसे बड़ी ताकत थी सटीकता और अनुशासन।
उनका इकॉनमी रेट (प्रति ओवर रन) टेस्ट करियर में सिर्फ 1.67 था, जो किसी भी गेंदबाज़ के लिए बेहद प्रभावशाली है।
उन्होंने अपने करियर में 41 टेस्ट मैचों में 1414 ओवर फेंके और सिर्फ 1,421 रन दिए, जो उनके नियंत्रण का प्रमाण है।
यह रिकॉर्ड क्यों खास है
क्रिकेट में लगातार मेडन ओवर फेंकना बल्लेबाज पर मानसिक दबाव डालने का एक तरीका है।
21 ओवर तक कोई रन न देना असाधारण सहनशीलता और सटीकता की मांग करता है।



