हमीरपुर, शिमला : हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों पिछले 24 वर्षों से कार्यरत कंप्यूटर शिक्षक जल्द शिक्षा विभाग में मर्ज होंगे। यह बात मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश सचिवालय में पिछले कल प्रदेश भर से आए लगभग 500 कंप्यूटर शिक्षकों के सामने कही। पिछले कल प्रदेश भर से पहुंचे कंप्यूटर शिक्षकों ने प्रदेश सचिवालय में संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुमन ठाकुर व प्रदेश संयोजक अजीत धीमान की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री से मुलाकात की व अपना तीन सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
संघ के मीडिया प्रभारी ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री ने संघ की मुख्य मांग के संदर्भ में संघ को आश्वत किया कि जल्द ही कंप्यूटर शिक्षकों को शिक्षा विभाग में मर्ज करने हेतु प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। संघ की दूसरी मांग समान काम समान वेतन के आधार पर जब तक शिक्षकों को शिक्षा विभाग में मर्ज नहीं किया जाता, तब तक पीजीटी आईपी के बराबर वेतन देने की मांग की जिस पर मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 10 मार्च से शुरू होने वाले बजट सत्र 2025 में कंप्यूटर शिक्षकों के उचित मानदेय देने के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा।
संघ की अध्यक्ष सुमन ठाकुर ने मुख्यमंत्री से विशेष रूप से मांग करते हुए कहा कि कंप्यूटर शिक्षकों को कंपनी राज से मुक्ति दिलाई जाए। क्योंकि कंपनियां कंप्यूटर शिक्षकों को समय पर वेतन देने में असमर्थ रही है। उन्होंने इलेक्ट्रानिक ऑपरेशन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले महीने भी चार जिलों के कंप्यूटर शिक्षकों को दो महीने बाद वेतन मिला है और अभी भी फरवरी महीने का वेतन नहीं मिल पाया है।
मुख्यमंत्री ने संघ को भरोसा दिलाया कि इस समस्या से कम्यूटर शिक्षकों को जल्द ही निजात दिलाई जाएगी।इस अवसर पर प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारी शिमला से सुरेंद्र जस्ता, भीष्मा भंडारी, मंडी से रमेश चंद , सोलन से धीरज कौशल , चम्बा से रवि ठाकुर के अलावा सभी जिलों के जिला अध्यक्ष विशेष रूप से उपस्थित थे।



