जवाली: जवान केवल देश की सरहदों की रक्षा ही नहीं करते, बल्कि अपने हुनर और टैलेंट से विश्व रिकार्ड बनाकर भी देश का नाम ऊंचा करते हैं. ऐसा ही कुछ कर दिखाया बीएसएफ में तैनात एएसआई संजीवन कुमार ने। संजीवन कुमार पुत्र उधम सिंह मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के जिला कांगडा के तहत तहसील जवाली के तहत आने वाले गांव कुठेड के रहने वाले हैं। वर्तमान में बी मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बीएसएफ 38 बटालियन में बताओ एएसआई के पद पर तैनात होकर देश की सी
माओं की रक्षा कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में अपने दो दो साथियों कांस्टेबल सिटी रविंद्र मिंडे बीएसएफ 133 बटालियन, कांस्टेबल सूरज हैम्मरम बीएसएफ बत्ती बटालियन के साथ मिलकर बुलेट 350 सीसी पर खड़े होकर रीड करते हुए उलटी दिशा में 2 घंटे 11 मिनट में 73.2 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए विश्व रिकॉर्ड बनाया है यह तीनों जांबाज मोटरसाइकिल टीम के हैं और वर्तमान में ग्वालियर की सीमा में देश की रक्षा कर रहे हैं यह तीनों ग्वालियर बीएसएफ अकादमी टेकनपुर सीएसएमटी में तैनात हैं।
कहां तैनात है एएसआई सं
![]()
![]()
जीवन कुमार
संजीवन कुमार वर्तमान में मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बीएसएफ बटालियन 38 तैनात हैं। संजीवन कुमार मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं और उनका पैतृक गांव तहसील जवके तहत आने वाला गांव कुठेड़ है। संजीवन कुमार को बचपन से ही जीवन में कुछ कर गुजरने का जज्बा था। यही कारण है कि वह की वह बीएसएफ में भर्ती होकर देश सेवा करना चाहते थे। इसी जज्बे के चलते हुए बीएसएफ में शामिल हो गए और देश सेवा के साथ-साथ अपने हुनर को भी उन्होंने चमकाया। यही कारण है कि उन्होंने अपने जज्बे से आज विश्व रिकॉर्ड बनाया है।
पूरा परिवार देश सेवा में समर्पित
काबिले गौर है कि जीवन कुमार की पूरी फैमिली ही देश सेवा में संलग्न है। उनके पिता उधम सिंह बीएसएफ में देश सेवा करने के बाद सेवा निवृत हो चुके हैं। उनके दो छोटे भाई भी बीएसएफ में सेवा दे रहे हैं जिनमें से एक भाई अपनी सेवा पूरी कर सेवा निवृत हो चुका है जबकि दूसरा अभी भी बीएसएफ में तैनात होकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहा है। इसलिए संजीवन कुमार को देश सेवा का जज्बा विरासत से ही मिला है।
कहां करवाया अपना नाम दर्ज
संजीवन कुमार ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर बुलेट 350 सीसी पर खड़े होकर राइड करते हुए 2 घंटे 11 मिनट में 73.2 किलोमीटर की दूरी तय कर एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाया है जिसके लिए उन्हें सम्मानित किया गया है। वही बटालियन में भी उनके इस हुनर के लिए उनकी भूरी भूरी प्रशंसा की जा रही है। उन्होंने अपने हुनर का परिचय देते हुए अपना नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज करवाया है और इसके साथ बेस्ट ऑफ इंडिया रिकॉर्ड में अभी अपना नाम दर्ज करवाया है.
वर्ष 2018 में भी बना चुके हैं रिकॉर्ड
असी संजीवन कुमार वर्ष 2018 में भी अपना कमाल दिखा चुके हैं। संजीवन कुमार ने यार कार्ड ग्वालियर बीएसएफ अकादमी के लिए बनाया है जिसके लिए उन्हें बीडीसी राजेश शर्मा, एमएलएअर्जुन ठाकुर और हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सम्मानित भी कर चुके हैं।
जीवन कुमार

