रैत (कांगड़ा) : रैत-नेरटी-मच्छयाल-झीरबल्ला सड़क की हालत सुधारने से लोगों में खुशी की लहर है। इससे लोग बहुत राहत महसूस कर रहे हैं। क्योंकि दो दशक के बाद इस समस्या का हल हो पाया है। लोगों का कहना है कि शाहपुर के विधायक व उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया के प्रयास से ही इस सड़क की इतने लंबे समय के बाद स्थिति सुधर पाई है। यदि पठानिया शाहपुर के विधायक नहीं बनते तो इस सड़क की स्थिति नहीं सुधरती। इसका सारा श्रेय पठानिया को ही जाता है।
पठानिया जैसा जनप्रतिनिधि पहली बार मिला
लंघाणा गांव के सतपाल सिंह गुलेरिया, बली मोहम्मद, सुजान सिंह गुलेरिया और ततवानी के मनोहर लाल ने स्पीड पोस्ट न्यूज के प्रतिनिधि को बताया कि हमारी लंबे समय से चल रही समस्या का हल हो पाया है। यह सब माननीय उप मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया के कारण संभव हो पाया है। पठानिया जैसा विधायक शाहपुर को पहले कभी नहीं मिला। पठानिया ने न सिर्फ सड़क की हालत सुधारने के लिए पैसे मंजूर करवाए, बल्कि वह लगातार सड़क के निर्माण कार्य की निगरानी भी करते रहे। पठानिया कई बार तड़के ही मौके पर पहुंच जाते थे और लोगों से पूछते थे कि सड़क का काम कैसा चल रहा है और क्या सुधार कर सकते हैं, वह लोगों को नालियां बनाने के लिए भी कहते रहे। ऐसा विधायक व जनप्रतिनिधि हो तो विकास कार्य खुद-ब-खुद सिरे चढ़ते हैं। पठानिया की तरह नेता शाहपुर को पहली बार मिला है।
दो दशक से खराब हालत में थी सड़क
लोगों ने बताया कि यह सड़क तो लगभग दो दशक से खराब हालत में थी। पिछले दस साल से इसकी हालत बहुत खराब हो गई थी। इतने समय में कितनी सरकारें और विधायक आए और चले गए, पर इस सड़क की सुध किसी ने नहीं ली। केवल सिंह पठानिया जब से शाहपुर के विधायक बने हैं, वह लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं और इसी का नतीजा का है कि अब गड्ढे दूर हो गए हैं और सड़क चौड़ी भी हो गई है। इस सड़क के आसपास जिन लोगों के घर, दुकानें व जमीन है, लोगों ने उनसे भी आग्रह किया है कि सड़़क के आसपास नालियां बनने दें। यदि सड़क के आसपास नालियां होंगी तो वर्षा में पानी निकल जाएगा, सड़क पर पानी नहीं बहेगा और न ही रुकेगा। इससे सड़क की उम्र लंबी होगी। इन लोगों ने इस बात पर खुशी जताई के यह सड़क एफडीआर तकनीक से बनी है, इस क्षेत्र में इस तरह की यह पहली सड़क बनी है। इसका श्रेय भी पठानिया को जाता है।
(सभी फोटो : मनोहर लाल ‘वनटू’, ततवानी, कांगड़ा)




