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सही डाइट खाइए और बीमारियां भगाइए

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नई दिल्ली : कहते हैं कि सही आहार ही जीवन का सही आधार है. आधार से अभिप्राय यह है कि जिंदा रहने के लिए खाना बहुत जरूरी है. संसार में जितने भी प्रणी हैं जिनमें मनुष्य, पशु, पडॉक्षी, जानवर और यहां तक कि पेड-पौधे सबके लिए आहार जरूरी है. यदि हम मनुष्य हैं तो हमारे लिए यह भी जरूरी हो जाता है कि हमारा आहार कैसा हो, क्या हो, कितना हो और दिन में कितनी बार हो. यह भी झूठ नहीं कि एक मनुष्य का संपूर्ण स्वास्थ्य आहार पर निर्भार करता है. जो भी हम खाते हैं उसका रिजल्ट बाडी पर दिखता है, यदि हम आयली फूड खाते हैं तो भी और यदि हम कुकड और नेचुरल फूड खाते हैं तो भी, यदि हम नियमानुसार फास्टिंग करते हैं तो इससे हमारी इम्युनिटी बूस्ट होती है. इसलिए हमें फिट एंड फाइन रहना है तो हमारी डायट हैविट अच्छी और नियमानुसार होनी चाहिए. सही डायट के बारे में डा अवधेश पांडे क्या कह रहे हैं आइए जानें.. अवधेश पांडे के अनुसार, सही आहार का हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है, क्योंकि यह न केवल हमारे शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है, बल्कि इसे स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने में भी मदद करता है। सही आहार का मतलब केवल पेट भरने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें हमारे शरीर की पोषण संबंधी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति भी शामिल है।

सही आहार और इसका महत्व

डॉ. पांडे बताते हैं कि संतुलित आहार वह है, जिसमें सभी प्रमुख पोषक तत्व—जैसे प्रोटीन, विटामिन, खनिज, कार्बोहाइड्रेट और वसा—सही मात्रा में शामिल होते हैं। इन पोषक तत्वों की पूर्ति शरीर के विभिन्न कार्यों, जैसे ऊर्जा उत्पादन, कोशिकाओं की मरम्मत, रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने और मस्तिष्क के कार्यों को सुधारने के लिए जरूरी है। सही आहार के अभाव में व्यक्ति थकावट, रोगों और मानसिक तनाव का शिकार हो सकता है।

नाइन माइक्रोबायोम क्या है?

“नाइन माइक्रोबायोम” एक उभरता हुआ वैज्ञानिक क्षेत्र है, जो हमारे शरीर, विशेष रूप से आंत (गट), में मौजूद सूक्ष्म जीवों (माइक्रोबायोम) के समूह और उनके स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करता है। डॉ. पांडे के अनुसार, हमारी आंत में लगभग 100 ट्रिलियन सूक्ष्म जीव होते हैं, जो पाचन प्रक्रिया, पोषक तत्वों के अवशोषण, और रोग प्रतिरोधक क्षमता को नियंत्रित करते हैं।

नाइन माइक्रोबायोम को “नाइन” कहने का कारण यह है कि यह मानव शरीर की आंतों में पाए जाने वाले 9 प्रमुख प्रकार के लाभकारी बैक्टीरिया और उनके कार्यों को संदर्भित करता है। यह हमारे शरीर के लिए निम्नलिखित कार्य करता है:

1. पाचन में सहायता: माइक्रोबायोम जटिल खाद्य पदार्थों, जैसे फाइबर और शर्करा, को तोड़ने में मदद करता है, जिससे शरीर उन्हें ऊर्जा के रूप में उपयोग कर सके।

2. रोग प्रतिरोधक क्षमता में सुधार: ये सूक्ष्म जीव हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस के खिलाफ हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं।

3. मनोविज्ञान पर प्रभाव: माइक्रोबायोम का मस्तिष्क के साथ गहरा संबंध है, जिसे “गट-ब्रेन कनेक्शन” कहा जाता है। यह तनाव, अवसाद और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव डाल सकता है।

4. वजन प्रबंधन: नाइन माइक्रोबायोम का संतुलन बनाए रखने से शरीर के वजन को नियंत्रित किया जा सकता है।

 

सही आहार और माइक्रोबायोम का संबंध

डॉ. पांडे के अनुसार, सही आहार न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि यह हमारे माइक्रोबायोम को भी संतुलित रखता है। उन्होंने बताया कि उच्च मात्रा में प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, चीनी और असंतुलित आहार माइक्रोबायोम के असंतुलन का कारण बन सकते हैं। इसके विपरीत, प्रीबायोटिक और प्रोबायोटिक युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे दही, किमची, और फाइबर-युक्त फल और सब्जियां, माइक्रोबायोम के लिए लाभकारी होते हैं।

माइक्रोबायोम को स्वस्थ रखने के टिप्स

1. फाइबर का सेवन बढ़ाएं: साबुत अनाज, फल, और सब्जियां खाएं, क्योंकि फाइबर आंतों में लाभकारी बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है।

2. प्रोबायोटिक फूड का सेवन करें: दही, किमची, और अन्य किण्वित खाद्य पदार्थ माइक्रोबायोम को मजबूत बनाते हैं।

3. चीनी और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ कम करें: यह हानिकारक बैक्टीरिया को बढ़ावा दे सकते हैं और आंतों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

4. हाइड्रेटेड रहें: पानी का पर्याप्त सेवन शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और माइक्रोबायोम को स्वस्थ रखता है।

5. व्यायाम करें: नियमित शारीरिक गतिविधि आंत के बैक्टीरिया की विविधता को बढ़ाती है।

 

डॉ. पांडे का निष्कर्ष

डॉ. अवधेश पांडे के अनुसार, सही आहार और नाइन माइक्रोबायोम के बीच गहरा संबंध है। एक संतुलित आहार के माध्यम से न केवल हम अपने शरीर को ऊर्जा और पोषण प्रदान कर सकते हैं, बल्कि अपने माइक्रोबायोम को भी स्वस्थ रख सकते हैं। स्वस्थ माइक्रोबायोम न केवल बेहतर पाचन और रोग प्रतिरोधक क्षमता को सुनिश्चित करता है, बल्कि यह हमारी मानसिक स्थिति और समग्र स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव डालता है।♦

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Author: speedpostnews

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