पनामा नहर (Panama Canal) दुनिया की सबसे प्रसिद्ध और रणनीतिक कृत्रिम जल-नहरों में से एक है। इसे बनाने की कहानी रोमांच, संघर्ष, विज्ञान और राजनीति का अनोखा मिश्रण है। आइए, इसे क्रमवार समझते हैं
1. पृष्ठभूमि: सेंट्रल अमेरिका को काटने का विचार
अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने का सपना बहुत पुराना था।
यूरोप से एशिया तक जहाजों को दक्षिण अमेरिका के चारों ओर (केप हॉर्न) घूमकर जाना पड़ता था, जो बहुत लंबा और खतरनाक रास्ता था।
इसलिए 16वीं शताब्दी में ही स्पेनिश खोजकर्ताओं ने सोचा था कि सेंट्रल अमेरिका (विशेषकर पनामा) को काटकर एक नहर बनाई जाए।
2. फ्रांस का असफल प्रयास (1880–1889)
फ्रांसीसी इंजीनियर फर्डिनांड डी लेसेप्स (Ferdinand de Lesseps) — जिन्होंने सुएज़ नहर बनाई थी — ने पनामा में भी वैसा ही काम शुरू किया।
लेकिन पनामा का भूगोल बहुत कठिन था
घने जंगल, पहाड़, कीचड़ और
मलेरिया व पीली बुखार जैसी बीमारियों से हजारों मजदूरों की मौत हो गई।
परिणाम: फ्रांस को भारी नुकसान हुआ और परियोजना 1889 में रुक गई।
3. अमेरिका की एंट्री (1904)
अमेरिका को प्रशांत और अटलांटिक महासागर के बीच तेज नौपरिवहन की ज़रूरत थी, खासकर अपने नौसैनिक और व्यापारिक हितों के लिए।
उस समय पनामा कोलंबिया का हिस्सा था।
अमेरिका ने पनामा की आज़ादी में मदद की (1903) — और इसके बदले पनामा ने अमेरिका को नहर क्षेत्र का नियंत्रण (Canal Zone) दे दिया।
4. निर्माण (1904–1914)
अमेरिकी इंजीनियरों ने पूरी योजना बदल दी — उन्होंने लॉक सिस्टम (Lock System) बनाया, जिससे जहाजों को ऊँचाई पर उठाया-गिराया जा सके।
लगभग 75,000 मजदूरों ने काम किया, जिनमें ज्यादातर कैरिबियन देशों से आए थे।
10 साल की मेहनत के बाद 15 अगस्त 1914 को पनामा नहर पूरी हुई।
5. नहर का महत्व
अब जहाजों को दक्षिण अमेरिका के चारों ओर घूमने की ज़रूरत नहीं रही।
लगभग 13,000–14,000 जहाज हर साल इस नहर से गुजरते हैं।
इससे अमेरिका का व्यापार और सैन्य शक्ति दोनों बहुत बढ़ी।
6. नियंत्रण और वापसी
शुरुआत में नहर अमेरिकी नियंत्रण में (1904–1979) रही।
1977 में “टोरेस-कार्टर संधि” (Torrijos–Carter Treaty) के तहत तय हुआ कि
धीरे-धीरे नियंत्रण पनामा को सौंपा जाएगा।
31 दिसंबर 1999 को पनामा ने नहर का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया।
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सारांश
विचार 16वीं शताब्दी (स्पेनिश खोजकर्ताओं द्वारा)
पहला प्रयास फ्रांस (1880–1889) — असफल
सफल निर्माण अमेरिका (1904–1914)
तकनीक लॉक-आधारित जल प्रणाली
कुल लंबाई लगभग 80 किलोमीटर
नियंत्रण वापसी 1999 में पनामा को
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