Home » देश-परदेस » राजस्थान के देवमाली में लोग घरों में ताले नहीं लगाते; कच्चे घरों में रहते, शराब नहीं पीते व मांस नहीं खाते

राजस्थान के देवमाली में लोग घरों में ताले नहीं लगाते; कच्चे घरों में रहते, शराब नहीं पीते व मांस नहीं खाते

Facebook
Twitter
WhatsApp

राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित देवमाली गांव एक ऐसा अनोखा और रहस्यमयी गांव है, जिसके बारे में कहा जाता है कि यहां आज भी लोग अपने घरों में ताले नहीं लगाते। कच्चे घरों में रहते हैं। पैसा कितना भी हो, पक्का घर नहीं बनाते। गांव की खासियत यह है कि यहां चोरी जैसी घटना कभी नहीं होती। लोग निश्चिंत होकर अपने घर खुले छोड़कर जाते हैं और लौटने पर सब कुछ वैसा ही मिलता है जैसा छोड़कर गए थे। ग्रामीणों का मानना है कि यह गांव देवताओं का स्थान है और यहां कोई भी गलत काम करने की हिम्मत नहीं करता।

देवमाली गांव को “शुद्ध शाकाहारी गांव” भी कहा जाता है। यहां मांस, मछली, अंडे और यहां तक कि शराब जैसी चीज़ों का सेवन बिल्कुल वर्जित है। गांव की परंपरा और धार्मिक मान्यताएं इतनी गहरी हैं कि कोई भी नियम तोड़ने की सोच भी नहीं सकता। इस गांव में हर परिवार पूरी तरह से शाकाहारी जीवन जीता है और पीढ़ियों से यही परंपरा चली आ रही है।

ग्रामीणों का विश्वास है कि गांव में किसी ने यदि चोरी या गलत काम किया तो उसे तत्काल देवताओं का दंड मिलेगा। इसी आस्था और परंपरा के कारण गांव में अपराध या चोरी जैसी घटनाएं नहीं होतीं। यही कारण है कि लोग बिना ताले लगाए चैन की नींद सोते हैं।

यह गांव अपनी साफ-सुथरी और सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए भी जाना जाता है। यहां के लोग धार्मिक अनुष्ठानों और त्यौहारों को मिल-जुलकर मनाते हैं। देवमाली का यह अनोखा रहस्य इसे राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में विशेष पहचान दिलाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *