हरियाणा के झज्जर जिले के बेरी कस्बे के पास स्थित श्री जगन्नाथ जी का समाधा मंदिर एक रहस्यमयी और आध्यात्मिक स्थल के रूप में जाना जाता है। यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए भी जिज्ञासा का विषय बना हुआ है। इसकी सबसे अनोखी विशेषता है-हवा में लटका हुआ पेड़, जो आज तक वैज्ञानिक दृष्टि से पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है। इसका एक सिरा दूसरे पेड़ के सहारे टिका है।
मंदिर का इतिहास
मान्यता है कि यह स्थल महान संत श्री जगन्नाथ दास जी महाराज की तपोस्थली थी। वे भगवान विष्णु के अनन्य भक्त थे और यहीं उन्होंने समाधि ली थी। समाधि स्थल पर बना यह मंदिर आज हजारों भक्तों को आकर्षित करता है। कहते हैं कि उन्होंने जीवित समाधि ली थी और उनकी आत्मा आज भी यहां वास करती है।
हवा में लटका पेड़
इस मंदिर परिसर की सबसे अद्भुत बात है-एक पीपल का पेड़, जो बिना किसी स्पष्ट आधार के हवा में लटका हुआ प्रतीत होता है। यह पेड़ ज़मीन से कुछ इंच ऊपर है, लेकिन उसकी जड़ें ज़मीन को छूती नहीं हैं। भक्त मानते हैं कि यह चमत्कार स्वयं श्री जगन्नाथ जी की शक्ति का प्रमाण है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यह पेड़ उस दिन से हवा में लटका हुआ है जब से संत ने समाधि ली थी। कोई भी इसे काटने या नुकसान पहुँचाने की कोशिश नहीं करता, क्योंकि यह “चमत्कारी” माना जाता है। लोग इसकी पूजा करते हैं और इसकी छाया को भी शुभ मानते हैं।
वैज्ञानिक पहलू
हालाँकि वैज्ञानिकों ने भी इस घटना का निरीक्षण किया है, लेकिन अभी तक इसके पीछे कोई स्पष्ट वैज्ञानिक कारण सामने नहीं आया है। कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि पेड़ की जड़ें शिला पर फैली हैं और मिट्टी में घुलने के बजाय पत्थरों में चिपकी हुई हैं, जिससे पेड़ “हवा में” प्रतीत होता है। फिर भी, यह तर्क सभी पहलुओं को नहीं समझा पाता।
भक्तों की आस्था
भक्तगण मानते हैं कि इस पेड़ के नीचे बैठकर ध्यान लगाने से मानसिक शांति मिलती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। हर साल बड़ी संख्या में लोग इस मंदिर में दर्शन करने आते हैं और पेड़ के नीचे प्रसाद चढ़ाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
एक अबूझ पहेली
श्री जगन्नाथ जी का समाधा मंदिर और इसका रहस्यमय हवा में लटका पेड़ धार्मिक आस्था, चमत्कार और वैज्ञानिक जिज्ञासा का अनूठा संगम प्रस्तुत करता है। यह स्थल एक ओर जहां भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा प्रदान करता है, वहीं दूसरी ओर रहस्य प्रेमियों के लिए एक अबूझ पहेली बना हुआ है।



