नई दिल्ली : राज्यसभा सांसद एवं हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने केंद्र की मोदी सरकार से हिमाचल का हक मांगा। उन्होंने शुक्रवार को राज्ससभा में पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पाटिल ने गृह मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2023 में हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान भयंकर त्रासदी हुई, जिसमें 500 से अधिक लोगों की जान चली गई और हजारों करोड़ों के आधारभूत ढांचे को नुकसान हुआ, बावजूद इसके केंद्र सरकार ने इसकी भरपाई के लिए हिमाचल के साथ भेदभाव किया। रजनी पाटिल ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने मानसून से हुई त्रासदी की भरपाई के लिए केंद्र सरकार से 10 हजार करोड़ की मांग की थी, लेकिन इसके एवज में मात्र 400 करोड़ जारी किया गया। जो सरेआम हिमाचल के साथ भेदभाव है।
राज्यसभा सांसद एवं हिमाचल प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने केंद्र सरकार से शेष राशि जारी करने की पुरजोर मांग की। उन्होंने कहा कि आपदा और त्रासदी के समय में भी राजनीति करना उचित नहीं हैं। पाटिल ने कहा कि इन मसलों पर प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू कई बार केंद्र सरकार के समक्ष मांग उठा चुके हैं। उन्होंने वायनाड समेत देश के अन्य राज्यों में प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी राज्यसभा में मजबूती से अपना पक्ष रखा। रजनी पाटिल ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथारिटी की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए।



