लंदन : पिछले कुछ जिन से विश्व की राजनीति में काफी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व उपराष्ट्रपित जेडी वैंस के साथ तकरार के बाद अब यूरोपीय देश आगे आए हैं। यूरोपीय देश जेलेंस्की के साथ खड़े दिख रहे हैं। इसके कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं। मामला रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने पर फंसा हुआ है। ट्रंप युद्ध रोकना चाहते हैं। उधर जेलेंस्की का कहना है कि वह यूक्रेन की सुरक्षा की गारंटी चाहते हैं। तभी चर्चा के लिए आगे बढ़ेंगे।
इस बीच ब्रिटेन, फ्रांस और यूक्रेन मिलकर रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए काम करेंगे। तीनों देश नया प्रस्ताव तैयार कर रहे हैं, जिसे अमेरिका के सामने रखा जाएगा। नए प्रस्ताव में रूस से गारंटी ली जाएगी कि वह यूक्रेन पर हमला नहीं करेगा। रूस हमला करता है तो यूरोपीय देश भी जवाबी कार्रवाई करने को बाध्य होंगे। यूरोपीय देशों की तरफ से यूक्रेन की सैन्य ताकत को बढ़ाने को लेकर भी नई घोषणा किए जाने की संभावना है। यूरोपीय देशों के नेताओं ने ऐसे संकेत दिए हैं।
शांति योजना को लेकर ब्रिटेन अभी फ्रांस के साथ वार्ता कर रहा है। इसी तरह से लंदन पहुंचने से पहले यूरोपीय आयोग की राष्ट्रपति उर्सुला लेयेन ने यूक्रेन को पूरा समर्थन दिया। साथ ही कहा कि ताकत से शांति समझौते का रास्ता निकलेगा और कमजोरी से युद्ध भड़केगा। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री स्टार्मर ने कहा कि इसका लक्ष्य यूक्रेन को सबसे मजबूत स्थिति में लाना है, ताकि देश मजबूत स्थिति से बातचीत कर सके।
एक दर्जन से अधिक यूरोपीय राष्ट्राध्यक्ष और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो रविवार को लंदन में थे। ये नेता रक्षा शिखर सम्मेलन के लिए एकत्र हुए। इनका उद्देश्य यूक्रेन के लिए शांति योजना को आगे बढ़ाना था।
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