Home » खेल » अपने आखिरी टेस्ट मैच में नाइटवॉचमैन के रूप में उतरे जेसन गिलेस्पी ने दोहरा शतक लगाकर ऑस्ट्रेलिया को जिता दिया था

अपने आखिरी टेस्ट मैच में नाइटवॉचमैन के रूप में उतरे जेसन गिलेस्पी ने दोहरा शतक लगाकर ऑस्ट्रेलिया को जिता दिया था

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ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जेसन गिलेस्पी ने अपने टेस्ट करियर के आखिरी मैच में ही दोहरा शतक लगाकर इतिहास रच दिया था। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ नाबाद 201 रन बनाए थे।

18 अप्रैल 2006 : मैच के तीसरे दिन उन्होंने अपने टेस्ट करियर का पहला शतक पूरा किया।

19 अप्रैल 2006 : चौथे दिन वे 200 रन के आंकड़े तक पहुंचे और 201 रन बनाकर नाबाद रहे।

इस रिकॉर्ड की खास बात
गिलेस्पी ने यह पारी नाइटवॉचमैन के रूप में खेलते हुए बनाई थी। नाइटवॉचमैन वह बल्लेबाज होता है जिसे दिन का खेल समाप्त होने के करीब किसी विशेषज्ञ बल्लेबाज की जगह बल्लेबाजी के लिए भेजा जाता है।
उनका 201 रन का स्कोर टेस्ट क्रिकेट में नाइटवॉचमैन द्वारा बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बना।

बांग्लादेश की दूसरी पारी 304 रन पर समाप्त हुई। ऑस्ट्रेलिया ने यह टेस्ट एक पारी और 80 रन से जीता। यह गिलेस्पी का करियर का आखिरी टेस्ट मैच भी था। उन्हें इस मैच में प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

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