माइकल हसी का करियर इस बात का शानदार उदाहरण है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में देर से पदार्पण करने के बावजूद कोई खिलाड़ी महान स्तर तक पहुंच सकता है। ऑस्ट्रेलिया के लिए उन्होंने 2005 में टेस्ट और वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया और 2013 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई ली। टेस्ट में उनका पदार्पण 30 वर्ष की उम्र में हुआ था।
माइकल हसी का टेस्ट रिकॉर्ड
आंकड़ा
रिकॉर्ड
टेस्ट मैच
79
रन
6,235
बल्लेबाजी औसत
लगभग 52.50
शतक
19
अर्धशतक
29
सर्वोच्च स्कोर
195
टेस्ट पदार्पण
3 नवंबर 2005, बांग्लादेश के खिलाफ
उनकी शुरुआत ही असाधारण थी। पहले कुछ टेस्टों में उन्होंने लगातार बड़े स्कोर बनाए और शुरुआती दौर में उनका औसत बेहद ऊंचा रहा। 20 टेस्ट के बाद उनका औसत 84.80 था और वह ICC टेस्ट बल्लेबाजी रैंकिंग में 900 रेटिंग अंक तक पहुंच गए थे।
हसी ने 79वां और अंतिम टेस्ट जनवरी 2013 में श्रीलंका के खिलाफ खेला। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने भी उनके 30 साल की उम्र में टेस्ट पदार्पण के बाद हासिल उपलब्धियों को असाधारण बताया था।
वनडे रिकॉर्ड
आंकड़ा
रिकॉर्ड
वनडे मैच
185
रन
5,442
औसत
48.15
स्ट्राइक रेट
87.16 के आसपास
शतक
3
अर्धशतक
39
सर्वोच्च स्कोर
109*
वनडे में हसी विशेष रूप से फिनिशर के रूप में बेहद प्रभावी थे। मुश्किल परिस्थितियों में पारी संभालना और अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाना उनकी बड़ी खूबियों में था। 2012 में वह ICC वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में नंबर-1 भी बने थे। पाकिस्तान के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज में उन्होंने 220 रन 73.33 की औसत से बनाए थे।
देर से शुरुआत, लेकिन शानदार सफलता
हसी का सबसे खास पहलू यही है कि उन्होंने लगभग 28 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में प्रवेश किया और 30 की उम्र में टेस्ट क्रिकेट शुरू किया, फिर भी ऑस्ट्रेलिया के लिए लगभग साढ़े सात साल में 79 टेस्ट खेले। टेस्ट में उनका औसत 50 से ऊपर और वनडे में 48 से ज्यादा रहा।
इसी वजह से उन्हें प्यार से “Mr Cricket” कहा जाता था। उनका करियर यह दिखाता है कि घरेलू क्रिकेट में लंबे समय तक मेहनत और लगातार प्रदर्शन करने के बाद भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देर से आने वाला खिलाड़ी विश्व स्तरीय सफलता हासिल कर सकता है।


