मंडी : मंडी से जारीसे जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू गांधी परिवार की खुशामद में सरकार की ऊर्जा और प्रदेश के संसाधनों को खर्च कर रहे हैं। द्रंग विधानसभा क्षेत्र के देयोरी में लगभग नौ महीने से तैयार स्कूल भवन के उद्घाटन के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को विशेष अनुरोध कर बुलाया जा रहा है। इस कार्यक्रम पर सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इसी विद्यालय का लोकार्पण करने शिक्षा मंत्री 6 जुलाई को जा चुके थे। भव्य कार्यक्रम के बीच वह इस स्कूल भवन का लोकार्पण करने वाले थे। धाम का भी इंतजाम था, सांस्कृतिक कार्यक्रम भी हुए और पट्टिका भी लग गई, लेकिन कार्यक्रम के बीच में ही उन्हें उद्घाटन करने से रोक दिया गया, क्योंकि यह भवन मुख्यमंत्री ने प्रियंका गांधी के उद्घाटन के लिए तैयार करवाया था। हैरत की बात यह है कि यह भवन नौ महीने से बनकर तैयार है, फिर भी छात्र जान हथेली पर लेकर दो नालों के बीच किराये के मकान में पढ़ाई कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि चार कमरों में सात कक्षाएं लग रही थीं और बहुमंजिला स्कूल भवन में ताला लटकाकर शुभ मुहूर्त का इंतजार हो रहा था।
जयराम ठाकुर ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में आपदाओं के कारण प्रदेश में सैकड़ों स्कूल भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से ज्यादातर भवन सराज विधानसभा क्षेत्र के हैं। आपदा में क्षतिग्रस्त हुए कई भवन आज भी जर्जर हालत में हैं। कई जगह खुले आसमान के नीचे पढ़ाई हो रही है तो कई जगह जर्जर भवनों में छात्र पढ़ने को मजबूर हैं। हमने बार-बार मुख्यमंत्री से जर्जर भवनों की मरम्मत के लिए आग्रह किया। विधानसभा से लेकर निजी तौर पर आग्रह करने के बावजूद आपदा की वजह से क्षतिग्रस्त भवनों के निर्माण एवं मरम्मत के लिए सरकार ने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि सिर्फ गांधी परिवार की खुशामद कर अपने अंक बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा एक विद्यालय भवन के निर्माण पर जोर दिया गया और निर्माण होने के बाद नौ महीने तक उस भवन पर इसलिए ताला लटकाया गया, क्योंकि प्रियंका गांधी से उस भवन के उद्घाटन का समय नहीं मिल पा रहा था।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से सीधे सवाल करते हुए कहा कि वह बताएं कि पिछले वर्षों की आपदाओं के दौरान कुल कितने विद्यालय भवन, अस्पताल आदि क्षतिग्रस्त या पूर्णतया नष्ट हुए? कितने विद्यालय जर्जर भवनों, किराये के मकानों और खुले आसमान के नीचे चल रहे हैं? सरकार द्वारा उन क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए विद्यालयों तथा अस्पताल भवनों के निर्माण के लिए क्या प्रयास किए गए? सरकार द्वारा आपदा से क्षतिग्रस्त भवनों के निर्माण के लिए कितनी राशि जारी की गई और कितने विद्यालयों तथा अस्पतालों की मरम्मत हो गई?
जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री का कार्य प्रदेश के सर्वांगीण विकास पर जोर देना है, न कि अपनी पार्टी के आलाकमान के नेताओं और गांधी परिवार की खुशामद कर उनकी छवि निर्माण के लिए काम करना। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के बाद से ही सरकार ने दफ्तरों और स्कूलों को बंद करने का काम किया है और लगभग 2000 स्कूल-कॉलेज बंद किए जा चुके हैं। प्रदेश के बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुरक्षित भवन उपलब्ध करवाने के बजाय सरकार एक भवन को राजनीतिक कार्यक्रम के लिए महीनों तक बंद रखती है, यह प्रदेश की जनता और विद्यार्थियों के साथ अन्याय है।

