शिमला : युवाओं को नशे से दूर कर खेल और स्वास्थ्य की ओर प्रेरित करने के उद्देश्य से हिमालयन स्पोर्ट्स एंड कल्चरल यूथ क्लब शिमला द्वारा आयोजित ‘शिमला क्रिकेट कार्निवल’ का आज पुलिस ग्राउंड भराड़ी में भव्य शुभारंभ हुआ। इस बहुप्रतीक्षित आयोजन में हिमाचल प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) अशोक तिवारी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया और नशे के खिलाफ इस जन-आंदोलन की सराहना की।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जुनगा पुलिस बटालियन के कमांडेंट एवं एसपी भूपेंद्र नेगी, डीएसपी श्री कमल किशोर और नगर निगम शिमला की पार्षद मीनू चौहान भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
उद्घाटन मुकाबला
टूर्नामेंट का पहला और रोमांचक मैच भुवनेश्वरी-11 भराड़ी और जीबीसी कैथू के बीच खेला गया, जिसने पूरे कार्निवल के लिए एक ऊर्जावान माहौल तैयार कर दिया।
टूर्नामेंट का विशाल स्वरूप
शिमला का यह क्रिकेट महाकुंभ इस वर्ष व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा रहा है। कार्निवल में विभिन्न वर्गों के तहत भारी उत्साह देखा जा रहा है।
1000 युवाओं की भागीदारी शिमला क्रिकेट कार्निवल के सभी फॉर्मेट में शिमला के लगभग 1000 से अधिक युवा भाग लेंगे।
वार्ड फॉर्मेट
शिमला के विभिन्न वार्डों से कुल 42 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
डिपार्टमेंट फॉर्मेट
सरकारी और संस्थागत भागीदारी को दर्शाते हुए 28 विभागीय टीमें मैदान में उतर रही हैं।
महिला क्रिकेट
महिला सशक्तिकरण और खेल में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए 4 विशेष महिला टीमें भी इस कार्निवल का हिस्सा बनेंगी।
‘नशा छोड़ो – खेल खेलो का विज़न और पुनर्वास की पहल
कार्निवल का मूल मंत्र “नशा छोड़ो – खेल खेलो” केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक सामाजिक बदलाव की मुहिम है। इस विचार को वास्तव में सार्थक बनाने के लिए इस बार टूर्नामेंट में एक बेहद खास टीम हिस्सा ले रही है। यह टीम उन युवाओं की है जो नशे की लत से बाहर निकलकर अपना पुनर्वास (rehabilitation) कर रहे हैं। क्रिकेट के मैदान पर इनकी भागीदारी उन्हें समाज की मुख्यधारा में वापस लाने, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने और एक बेहतर, स्वस्थ जीवन की ओर कदम बढ़ाने का एक ऐतिहासिक अवसर प्रदान कर रही है।
पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संकल्प: “एवरी डॉट बॉल, वन ट्री
नशामुक्त शिमला के साथ-साथ यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आयोजन समिति ने एक अनूठी पहल शुरू की है जिसके तहत पूरे टूर्नामेंट के दौरान फेंकी जाने वाली हर एक ‘डॉट बॉल’ (बिना रन वाली गेंद) के बदले एक पेड़ लगाया जाएगा। यह संकल्प क्रिकेट के मैदान के अनुशासन को सीधे हमारे हिमालय और पर्यावरण की सुरक्षा के साथ जोड़ता है। शिमला क्रिकेट कार्निवल खेल, समाज सुधार और पर्यावरण सुरक्षा का एक अद्भुत संगम बन चुका है, जो पूरे राज्य के युवाओं को एक सकारात्मक और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का कड़ा संदेश दे रहा है।



