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महिलाओं को हक देने के बजाय शगुन, कन्यादान और बेटी है अनमोल जैसी योजनाएं ठप : जयराम
महिलाओं को हक देने के बजाय शगुन, कन्यादान और बेटी है अनमोल जैसी योजनाएं ठप : जयराम
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शिमला : शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार को बने साढ़े तीन साल का समय पूरा हो चुका है। चुनाव के समय ही कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदेश की 18 से 59 साल की महिलाओं को हर महीने ₹1500 देने की गारंटी दी थी। चुनाव के समय ही कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदेश की महिला शक्ति से 1500 रुपए के फॉर्म भरवाए गए थे, जो कांग्रेस मुख्यालय समेत अन्य कांग्रेस के ऑफिसों में धूल खाते रहे।
लोकसभा चुनाव के समय फिर से मुख्यमंत्री द्वारा इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि की घोषणा की गई, लेकिन इस बार सुख की सरकार ने पात्रता की कई शर्तें रखीं, जो कि वास्तव में हैरान करने वाली थीं। इसके बाद भी प्रदेश में लगभग 10 लाख महिलाओं ने इस सम्मान निधि का फॉर्म भरा। जिसके लिए उन्होंने जरूरी कागज बनवाने में भी अपना समय और पैसा खर्च किया और बार-बार कार्यालय के चक्कर काटकर भी परेशानी उठाई। इस योजना की घोषणा को दो साल से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन प्रदेश की 10 लाख महिलाओं द्वारा भरे गए उन फॉर्म्स का कोई पता नहीं है। आज प्रदेश की महिलाएं उन फॉर्म्स का स्टेटस मांग रही हैं? जिन फॉर्म को जमा करने के लिए उन्होंने कई दिन मेहनत की और दस्तावेजों के लिए अपने पास से पैसे खर्च किए, आज वह फॉर्म कहां हैं? वह कब तक स्वीकृत किए जाएंगे? यह जानना प्रदेश की नारी शक्ति का अधिकार है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि इसी साल की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने मनाली और सुलह में जाकर मंच पर घोषणा की थी कि अप्रैल महीने से मनाली और सुलह की महिलाओं के खाते में 1500-1500 आने लगेंगे। अप्रैल का महीना बीत चुका है। मई आ चुकी है, लेकिन एक भी महिला के खाते में एक भी पैसा नहीं पहुंचा। आखिर इन दोनों विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं के खाते में इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना का पैसा कब आएगा? उससे भी बड़ा सवाल है कि सिर्फ दो विधानसभा क्षेत्र में ही क्यों, पूरे प्रदेश की हर महिला के खाते में वह पैसा क्यों नहीं आ रहा है? सुक्खू सरकार को अब तक 42 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। 18 से 59 साल की हर महिला पर सरकार की 42 किश्तें बकाया हैं। पहले महीने से ही हर महिला को सम्मान निधि देने की घोषणा कांग्रेस के गली चौराहे के स्तर के नेताओं ने नहीं, कांग्रेस के केंद्रीय स्तर के सबसे बड़े नेताओं ने दी थी। हिमाचल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने दी थी। आज के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सभी बड़े मंत्रियों ने दी थी। पंचायत चुनाव के समय उन्हें प्रदेश की उन सभी महिलाओं को बताना चाहिए कि जो गारंटी उन्होंने दी थी, जो फॉर्म उन्होंने भरवाए थे, उसकी वर्तमान स्थिति क्या है। स्थानीय निकाय चुनाव और आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को नारी शक्ति के साथ ठगी करने का फल मिलेगा। विधानसभा चुनाव में भी उन्हें उनके पाप का फल मिलेगा।
महिलाओं को हक देने के बजाय शगुन, कन्यादान और बेटी है अनमोल जैसी योजनाएं ठप
जयराम ने कहा कि महिलाओं को हक देने की बजाय कांग्रेस उनका हक छीन रही है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को विधायिका में 33% आरक्षण का कानून लेकर आए तो कांग्रेस ने उस बिल को गिरा दिया और उनका हक छीनने का जश्न मनाया। सम्मान निधि के नाम पर वोट लेकर महिलाओं को सम्मान देने वाली योजनाएं बंद की जा रही हैं। महिलाओं को इलाज देने वाले राज्य स्तरीय महिला अस्पताल को दो भागों में बांट दिया गया। महिलाओं के ऑपरेशन पर 4700 रुपए का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया। बेटियों के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही बेटी है अनमोल योजना बंद है। इस बार के बजट भाषण में इस योजना का नाम तक नहीं लिया गया। बेटियों की शादी के लिए सहयोग करने वाली शगुन और कन्यादान जैसी योजनाएं पहले ठप थीं और इस बजट सत्र में सरकार द्वारा उन्हें आधिकारिक तौर पर बंद करने की घोषणा कर दी गई है। हिमाचल और पूरे देश की कांग्रेस को यह याद रखना चाहिए कि नारी शक्ति अपने अपमान को कभी नहीं सहन करेगी और इस अपमान का खामियाजा उन्हें उठाना पड़ेगा
महिलाओं को हक देने के बजाय शगुन, कन्यादान और बेटी है अनमोल जैसी योजनाएं ठप : जयराम
शिमला : शिमला से जारी बयान में पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन वाली सुख की सरकार को बने साढ़े तीन साल का समय पूरा हो चुका है। चुनाव के समय ही कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रदेश की 18 से 59 साल की महिलाओं को हर महीने ₹1500 देने की गारंटी दी थी। चुनाव के समय ही कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदेश की महिला शक्ति से 1500 रुपए के फॉर्म भरवाए गए थे, जो कांग्रेस मुख्यालय समेत अन्य कांग्रेस के ऑफिसों में धूल खाते रहे।
लोकसभा चुनाव के समय फिर से मुख्यमंत्री द्वारा इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि की घोषणा की गई, लेकिन इस बार सुख की सरकार ने पात्रता की कई शर्तें रखीं, जो कि वास्तव में हैरान करने वाली थीं। इसके बाद भी प्रदेश में लगभग 10 लाख महिलाओं ने इस सम्मान निधि का फॉर्म भरा। जिसके लिए उन्होंने जरूरी कागज बनवाने में भी अपना समय और पैसा खर्च किया और बार-बार कार्यालय के चक्कर काटकर भी परेशानी उठाई। इस योजना की घोषणा को दो साल से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन प्रदेश की 10 लाख महिलाओं द्वारा भरे गए उन फॉर्म्स का कोई पता नहीं है। आज प्रदेश की महिलाएं उन फॉर्म्स का स्टेटस मांग रही हैं? जिन फॉर्म को जमा करने के लिए उन्होंने कई दिन मेहनत की और दस्तावेजों के लिए अपने पास से पैसे खर्च किए, आज वह फॉर्म कहां हैं? वह कब तक स्वीकृत किए जाएंगे? यह जानना प्रदेश की नारी शक्ति का अधिकार है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि इसी साल की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने मनाली और सुलह में जाकर मंच पर घोषणा की थी कि अप्रैल महीने से मनाली और सुलह की महिलाओं के खाते में 1500-1500 आने लगेंगे। अप्रैल का महीना बीत चुका है। मई आ चुकी है, लेकिन एक भी महिला के खाते में एक भी पैसा नहीं पहुंचा। आखिर इन दोनों विधानसभा क्षेत्र की महिलाओं के खाते में इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख सम्मान निधि योजना का पैसा कब आएगा? उससे भी बड़ा सवाल है कि सिर्फ दो विधानसभा क्षेत्र में ही क्यों, पूरे प्रदेश की हर महिला के खाते में वह पैसा क्यों नहीं आ रहा है? सुक्खू सरकार को अब तक 42 महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। 18 से 59 साल की हर महिला पर सरकार की 42 किश्तें बकाया हैं। पहले महीने से ही हर महिला को सम्मान निधि देने की घोषणा कांग्रेस के गली चौराहे के स्तर के नेताओं ने नहीं, कांग्रेस के केंद्रीय स्तर के सबसे बड़े नेताओं ने दी थी। हिमाचल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने दी थी। आज के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और सभी बड़े मंत्रियों ने दी थी। पंचायत चुनाव के समय उन्हें प्रदेश की उन सभी महिलाओं को बताना चाहिए कि जो गारंटी उन्होंने दी थी, जो फॉर्म उन्होंने भरवाए थे, उसकी वर्तमान स्थिति क्या है। स्थानीय निकाय चुनाव और आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को नारी शक्ति के साथ ठगी करने का फल मिलेगा। विधानसभा चुनाव में भी उन्हें उनके पाप का फल मिलेगा।
महिलाओं को हक देने के बजाय शगुन, कन्यादान और बेटी है अनमोल जैसी योजनाएं ठप
जयराम ने कहा कि महिलाओं को हक देने की बजाय कांग्रेस उनका हक छीन रही है। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को विधायिका में 33% आरक्षण का कानून लेकर आए तो कांग्रेस ने उस बिल को गिरा दिया और उनका हक छीनने का जश्न मनाया। सम्मान निधि के नाम पर वोट लेकर महिलाओं को सम्मान देने वाली योजनाएं बंद की जा रही हैं। महिलाओं को इलाज देने वाले राज्य स्तरीय महिला अस्पताल को दो भागों में बांट दिया गया। महिलाओं के ऑपरेशन पर 4700 रुपए का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया। बेटियों के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही बेटी है अनमोल योजना बंद है। इस बार के बजट भाषण में इस योजना का नाम तक नहीं लिया गया। बेटियों की शादी के लिए सहयोग करने वाली शगुन और कन्यादान जैसी योजनाएं पहले ठप थीं और इस बजट सत्र में सरकार द्वारा उन्हें आधिकारिक तौर पर बंद करने की घोषणा कर दी गई है। हिमाचल और पूरे देश की कांग्रेस को यह याद रखना चाहिए कि नारी शक्ति अपने अपमान को कभी नहीं सहन करेगी और इस अपमान का खामियाजा उन्हें उठाना पड़ेगा
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