डॉ. राजीव डोगरा
हमें यूं तुमको
देखने की आदत है।
न है मोहब्बत
फिर भी बहुत कुछ
कहने की आदत है।
कभी सोचा ही नहीं
तुमको पाने का
बस यूं ही तुमसे
दिल लगाने की आदत है।
लोग सोचते हैं
जिस्म को छूने की
हमें यूं ही
तुम्हारी रूह को
गले लगाने की आदत है।
(युवा कवि, लेखक व हिंदी अध्यापक। पता-गांव जनयानकड़, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश, पिन कोड -176038
rajivdogra1@gmail.com)
Author: speedpostnews
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