दूषित पानी पीने से शरीर में कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। भारत जैसे देशों में यह समस्या खासकर बरसात और बाढ़ के समय अधिक बढ़ जाती है।
दूषित जल पीने से होने वाले स्वास्थ्य नुकसान
1. पेट व आंतों की बीमारियां
दस्त (डायरिया)
पेचिश
उल्टी-दर्द
गैस्ट्रोएंटेराइटिस
बच्चों और बुज़ुर्गों में डिहाइड्रेशन का खतरा अधिक रहता है।
2. गंभीर संक्रामक रोग
हैजा (Cholera)
टाइफाइड
हेपेटाइटिस A व E (पीलिया)
पोलियो
ये बीमारियां जानलेवा भी हो सकती हैं।
3. परजीवी संक्रमण
पेट के कृमि (Worms)
अमीबा व जियार्डिया जैसे परजीवी
इससे एनीमिया, कमजोरी और बच्चों में विकास रुक सकता है।
4. त्वचा व आंखों की समस्याएं
खुजली
फोड़े-फुंसी
आंखों में जलन व संक्रमण
5. लंबे समय के दुष्प्रभाव
दूषित जल में मौजूद आर्सेनिक, सीसा, फ्लोराइड जैसी धातुएँ
किडनी, लीवर, हड्डियों व नर्वस सिस्टम को नुकसान
बच्चों की मानसिक क्षमता पर असर
दूषित जल से बचाव के उपाय
1. पानी उबालकर पिएं
कम से कम 10–15 मिनट तक उबालें
ठंडा करके ढककर रखें
2. वाटर फिल्टर या RO का प्रयोग
जहां संभव हो, RO + UV + UF वाला फिल्टर
समय-समय पर फिल्टर की सर्विस कराएँ
3. जल शुद्धिकरण टैबलेट
यात्रा या आपात स्थिति में क्लोरीन टैबलेट उपयोग करें
4. साफ बर्तन व टंकी
पानी की टंकी हर 3–6 महीने में साफ करें
पानी रखने वाले बर्तन ढके रहें
5. भोजन में सावधानी
कटे फल-सब्ज़ियाँ न खाएँ
हाथ धोकर खाना खाएँ
स्ट्रीट फूड से बचें (खासतौर पर बारिश में)
6. बच्चों का विशेष ध्यान
केवल उबला या फिल्टर किया पानी
दस्त होने पर तुरंत ORS दें
तुरंत डॉक्टर को दिखाएँ यदि:
लगातार दस्त या उल्टी
तेज बुखार
आंख या त्वचा पीली होना
अत्यधिक कमजोरी
संदेश साफ है
स्वच्छ जल = अच्छा स्वास्थ्य
पानी की थोड़ी सी सावधानी आपको बड़ी बीमारी से बचा सकती है।



