धर्मशाला : हिमाचल के लोग अपने विधायकों के कामकाज को लेकर चर्चा करते रहते हैं। विधायक के काम की जिला के अन्य विधायकों से तुलना करते भी सुने जा सकते हैं। कांगड़ा जिला में भी लोगों को आपस में बसों, चौराहों, चाय की दुकानें व अन्य सार्वजनिक स्थानों पर चर्चा करते अक्सर सुनते हैं कि जिला में सबसे सक्रिय विधायक कौन सा है। कांग्रेस और भाजपा दोनों पक्षों के विधायकों की तुलना होती है। लोग कुल मिलाकर इसी निष्कर्ष पर पहुंचते सुने जा सकते हैं कि उपमुख्य सचेतक एवं शाहपुर के विधायक केवल सिंह पठानिया ही हर जगह सक्रिय दिखते हैं।
पठानिया को इसलिए सबसे अधिक महत्व
जानते हैं कि लोग ऐसा किस आधार पर कहते हैं। विधायकों के पास लोग अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं। काम होना या न होना बाद की बात है। लोग इससे पहले यह भी चर्चा करते हैं कि विधायक आपसे कितनी देर में मिले। यानी विधायक के घर पर पहुंचने के बाद उनसे मिलने को कितना इंतजार करवाया। फोन उठा लेते हैं या नहीं। इस मामले में केवल पठानिया सबसे ज्यादा खरे उतरते हैं। सर्दी हो या गर्मी। सुबह छह बजे ही लोगों से मिलना शुरू हो जाते हैं। घर पर लोगों से मिलने के बाद फिर तैयार होकर रैत स्थित कार्यालय में पहुंचते हैं। वहां भी लोगों से मिलते हैं। हर किसी से चाय-पानी पूछा जाता है। तब जाकर हलके के दौरे पर निकलते हैं।
जानते हैं कि लोग ऐसा किस आधार पर कहते हैं। विधायकों के पास लोग अपनी समस्या लेकर पहुंचते हैं। काम होना या न होना बाद की बात है। लोग इससे पहले यह भी चर्चा करते हैं कि विधायक आपसे कितनी देर में मिले। यानी विधायक के घर पर पहुंचने के बाद उनसे मिलने को कितना इंतजार करवाया। फोन उठा लेते हैं या नहीं। इस मामले में केवल पठानिया सबसे ज्यादा खरे उतरते हैं। सर्दी हो या गर्मी। सुबह छह बजे ही लोगों से मिलना शुरू हो जाते हैं। घर पर लोगों से मिलने के बाद फिर तैयार होकर रैत स्थित कार्यालय में पहुंचते हैं। वहां भी लोगों से मिलते हैं। हर किसी से चाय-पानी पूछा जाता है। तब जाकर हलके के दौरे पर निकलते हैं।
शाहपुर के साथ प्रदेश के मुद्दे भी उठाते हैं
विधानसभा की बात करें तो हरी टोपी पहने यह युवा नेता सबसे पहले सदन के बाहर ही दिख जाएंगे। उपमुख्य सचेतक होने के नाते सबसे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगवानी करते दिखेंगे। उसके बाद सदन के भीतर शाहपुर सहित कांगड़ा व प्रदेश के विभिन्न मामले उठाते सुने जा सकते हैं। कह सकते हैं कि पठानिया सिर्फ शाहपुर ही नहीं, शिमला व धर्मशाला में विधानसभा सत्रों में भी दमदार उपस्थिति दर्ज करवाते नजर आते हैं। लोग पठानिया में कांगड़ा जिला के साथ प्रदेश कांग्रेस के मजबूत नेता के रूप में उभरने की संभावना साफ दिख रहे हैं।
विधानसभा की बात करें तो हरी टोपी पहने यह युवा नेता सबसे पहले सदन के बाहर ही दिख जाएंगे। उपमुख्य सचेतक होने के नाते सबसे पहले मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अगवानी करते दिखेंगे। उसके बाद सदन के भीतर शाहपुर सहित कांगड़ा व प्रदेश के विभिन्न मामले उठाते सुने जा सकते हैं। कह सकते हैं कि पठानिया सिर्फ शाहपुर ही नहीं, शिमला व धर्मशाला में विधानसभा सत्रों में भी दमदार उपस्थिति दर्ज करवाते नजर आते हैं। लोग पठानिया में कांगड़ा जिला के साथ प्रदेश कांग्रेस के मजबूत नेता के रूप में उभरने की संभावना साफ दिख रहे हैं।

Author: speedpostnews
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