यादें बहुत सताती हैं!
क्यों याद आते हैं हमे वो दिन,
जब हम बिना डर के बिता देते थे पूरा दिन,
मां बोला करती थी बहुत याद आएंगे तुम्हें ये दिन,
काश वापस आ पाते वो दिन!
यादों का एक संदूक है जैसे बनाया,
उसमें है हमने बहुत सारी यादों को छुपाया,
यादों में है कुछ ऐसी चीजें जो हमने किसी को न बताईं,
कई ऐसे हैं किस्से जो फिर न दर्शाए, न ही दोहराए जा सकें।
–शुद्धवी, कक्षा दसवीं ए, जीडी गोएंका पब्लिक स्कूल ढगवार, धर्मशाला, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश
Author: speedpostnews
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