Home » देवभूमि हिमाचल » वह विधायक व उपमुख्य सचेतक होने के साथ असल किसान भी हैं, सुबह-सुबह खेतों में काम करते दिख जाते हैं तेजतर्रार नेता केवल सिंह पठानिया

वह विधायक व उपमुख्य सचेतक होने के साथ असल किसान भी हैं, सुबह-सुबह खेतों में काम करते दिख जाते हैं तेजतर्रार नेता केवल सिंह पठानिया 

Facebook
Twitter
WhatsApp

रैत (कांगड़ा) : भारतीय राजनीति में कई नेता हुए जो अपने नाम के साथ किसान शब्द का इस्तेमाल करते थे। अभी भी करते हैं। किसान लिखने वाले किसान रहे होंगे। लेकिन क्या आपने कभी किसी नेता को खेती करते देखा। या खेती के औजार लेकर काम करते देखा। शायद बहुत कम नेताओं को देखा होगा। वर्तमान में तो ऐसे उदाहरण विरले ही दिखते हैं। या न के बराबर है। इतना जरूर है कि नेता मजदूरों से खेती करवाते होंगे और फिर खुद का फोटो खेत से डाल देते होंगे। पर शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया के साथ ऐसा नहीं है। कांगड़ा जिला के तेजतर्रार नेता पठानिया अकसर अपने खेत में काम करते दिखते हैं। तैयार सब्जियों को तोड़ने नजर आते हैं। खुद फावड़ा भी चलाते दिख जाते हैं। रविवार को तो वह पावर टिल्लर चला रहे थे। वर्ष 2023 में उनके अपने खेत में उगाए व मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भेंट किए गए कद्दू काफी चर्चा में रहे थे।

कैसे निकाल पाते हैं इतना समय 
केवल सिंह पठानिया बताते हैं कि दिन में तो बहुत व्यस्तता रहती है। कई बार शिमला में बैठकें होती हैं। लोगों के कामों के सिलसिले में भी शिमला जाना पड़ता है। जब भी अपने कांगड़ा स्थित घर रैत में होता हूं तो सुबह या शाम को समय निकालता हूं। पठानिया सुबह उठते ही लोगों से मिलना शुरू कर देते हैं। गर्मी हो या सर्दी, साढ़े पांच-छह बजे से लोग आना शुरू कर देते हैं। पठानिया भी लोगों से घर पर मिलना शुरू कर देते हैं। फिर रैत कार्यालय में लोगों की समस्याएं सुनते हैं। जैसे ही लोगों की समस्याएं सुनकर फ्री हुए तो बीच में खेतीबाड़ी के लिए समय निकाल लेते हैं। या शाम के समय जब विधानसभा क्षेत्र के दौरे से जल्दी लौट आएं तो बीच-बीच में खेतीबाड़ी का काम कर लेते हैं।

जब पठानिया खुद चाय लेकर पहुंचे 
विधायक के घर में जो भी जाए, चाय-पानी के बिना नहीं आने देते। इन सर्दियों में शाहपुर विधानसभा क्षेत्र का एक फरियादी मिलने पहुंचा। पठानिया उस समय गोभी की फसल का काम करने खेत जा रहे थे। पठानिया ने आगंतुक को कमरे के भीतर हीटर लगाकर बैठा दिया और आग्रह किया कि दस मिनट इंतजार करें, मुझे गोभी के खेत में काम है, बीती शाम को करना था, पर 15-20 लोग मिलने वाले आ गए और हो नहीं पाया। अभी कर लेता हूं, नहीं तो फिर शिमला निकल जाऊंगा और यह काम हो नहीं पाएगा। उस आगंतुक ने पठानिया का उनके घर पर कमरे में इंतजार किया। वह हैरान तब हुआ, जब पठानिया खुद चाय लेकर उसके पास पहुंचे। फिर उसकी बात सुनी।

 

कहा, इसलिए लोग खेतीबाड़ी से जुड़े रहें 

उपमुख्य सचेतक कहते हैं कि एक तो खेतीबाड़ी से हमारा शरीर फिट रहता है। घर में तैयार सब्जी पूरी तरह आर्गेनिक होती है। स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक। आजकल आधी बीमारी तो हम रसायन मिले खाने में अपने भीतर ले जा रहे हैं। यदि घर पर तैयार सब्जी इस्तेमाल करते हैं तो पैसे की भी बचत होती है। एक तरह से वह लोगों को भी प्रेरित करते हैं कि हमें अपने पुराने कामकाज छोड़ने नहीं चाहिए। इससे हम व्यस्त भी रहते हैं। दूसरा खेत उजड़ते नहीं हैं। वैसे भी हरे-भरे खेत अच्छे लगते हैं।

speedpostnews
Author: speedpostnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

टॉप स्टोरी

ज़रूर पढ़ें