Home » दुनिया रंग-बिरंगी » राजस्थान के श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव के अंगूठे की पूजा होती है, शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है

राजस्थान के श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव के अंगूठे की पूजा होती है, शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है

Facebook
Twitter
WhatsApp

राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित माउंट आबू अरावली पर्वतमाला की गोद में बसा एकमात्र हिल स्टेशन है। यहां कई प्राचीन धार्मिक स्थल हैं, जिनमें से सबसे प्रसिद्ध है श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर।

मंदिर की विशेषताएं
भगवान शिव के अंगूठे की पूजा
मान्यता है कि यहां पर स्थापित शिवलिंग वास्तव में भगवान शिव के पैर के अंगूठे का प्रतीक है। भक्त इसे शिव के चरण रूप मानकर पूजा करते हैं।

शिवलिंग का रंग बदलना
इस मंदिर का शिवलिंग दिन में तीन बार रंग बदलता है

1. सुबह लालिमा लिए हुए प्रतीत होता है।

2. दोपहर में नारंगी या केसरिया रंग का दिखता है।

3. शाम को गहरे काले या नीले रंग का हो जाता है।

यह परिवर्तन भक्तों के लिए दिव्य चमत्कार माना जाता है और इसके पीछे वैज्ञानिक दृष्टि से प्रकाश व पत्थर की संरचना का कारण बताया जाता है।

ऐतिहासिक महत्व
इस मंदिर का निर्माण परमार वंश के शासक ने 9वीं शताब्दी के आसपास करवाया था। यहां एक विशाल नंदी की मूर्ति भी है, जो पांच धातुओं से बनी मानी जाती है।

अन्य मान्यता
कहा जाता है कि इस स्थान पर कभी राजा अचलगढ़ की रक्षा के लिए भगवान शिव ने अपने अंगूठे का प्रतीक छोड़ दिया था। तभी से यहां उनकी पूजा विशेष रूप से होती है।

इस कारण श्री अचलेश्वर महादेव मंदिर माउंट आबू का एक प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थल है, जहाँ हजारों श्रद्धालु और पर्यटक प्रतिदिन दर्शन करने पहुंचते हैं।

speedpostnews
Author: speedpostnews

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *