मेघालय राज्य के पूर्वी खासी हिल्स जिले में स्थित मावलिननोंग गांव को एशिया का सबसे साफ गांव कहा जाता है। यह गांव न सिर्फ भारत, बल्कि पूरी दुनिया में अपनी सफाई और प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। वर्ष 2003 में डिस्कवर इंडिया पत्रिका ने मावलिननोंग को “एशिया का सबसे स्वच्छ गांव” घोषित किया था।
यह गांव शिलांग से लगभग 90 किलोमीटर दूर है और बांग्लादेश सीमा के नजदीक स्थित है। यहां की खासियत है कि हर घर के बाहर बांस की बनी कूड़ेदानें लगी होती हैं, जिनमें जैविक और अजैविक कचरे को अलग-अलग किया जाता है। गांव के लोग सफाई को एक जिम्मेदारी और परंपरा मानते हैं। यहां प्लास्टिक और धूम्रपान पूरी तरह प्रतिबंधित है।
मावलिननोंग की एक और खास बात है इसका “स्काई व्यू प्वाइंट”। यह एक बांस से बना 85 फीट ऊँचा वॉच टावर है, जहां से पर्यटक दूर-दूर तक फैली हरियाली और बांग्लादेश के मैदानों का अद्भुत दृश्य देख सकते हैं। यह टावर पूरी तरह स्थानीय संसाधनों और कारीगरों द्वारा तैयार किया गया है। यहां की सड़कें, घर, बाग-बगिचे सब कुछ स्वच्छता का अद्भुत उदाहरण हैं। गांव की महिलाएं सफाई व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाती हैं और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी जागरूक हैं।
मावलिननोंग में आने वाले पर्यटक न सिर्फ इसकी सुंदरता से मंत्रमुग्ध हो जाते हैं, बल्कि यहां की स्वच्छता और पर्यावरण प्रेम से प्रेरणा भी लेते हैं। यह गांव भारत का गौरव है और यह दिखाता है कि जागरूक नागरिक मिलकर कोई भी बदलाव ला सकते हैं।


