गुवाहाटी : South Africa national cricket team ने 2025 की टेस्ट सीरीज में Indian cricket team के खिलाफ क्लीन-स्वीप किया है।
दक्षिण अफ्रीका ने 2-मैच की टेस्ट सीरीज 2-0 से जीती। दूसरे टेस्ट में उन्होंने भारत को 408 रन से हराया। यह भारत का घर (होम) पर टेस्ट में सबसे बड़ी रनों की हार है।
पहले टेस्ट भी दक्षिण अफ्रीका ने जीत लिया था, जिससे सीरीज पर कब्ज़ा पक्का हो गया। यह पहली बार है कि दक्षिण अफ्रीका ने 25 साल बाद भारत में टेस्ट सीरीज जीती है। इस जीत के साथ दक्षिण अफ्रीका पहला ऐसा विदेशी टीम बन गया है, जिसने भारत में 2-0 से टेस्ट सीरीज क्लीन-स्वीप की हो।
गेंदबाज़ी और फील्डिंग दोनों में दक्षिण अफ्रीका का प्रदर्शन शानदार रहा। उनका स्पिनर Simon Harmer और फील्डिंग ने भारत की मुश्किलें बढ़ा दीं।
पहला टेस्ट
पहला टेस्ट दक्षिण अफ्रीका ने जीत लिया था — जिससे सीरीज में 1-0 की बढ़त मिल गयी थी।
कोलकाता टेस्ट में मेहमान टीम ने भारत को 30 रन से हराया था।
दूसरा टेस्ट (गुवाहाटी)
दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 408 रनों से हराया।
मैच का स्कोर इस प्रकार था:
पारी/टीम स्कोर/स्थिति
SA 1st innings 489 रन
IND 1st innings 201 रन
SA 2nd innings 260/5 declared (या 260/5)
Target for India 549 रन
IND 2nd innings 140 रन — ऑल आउट
मैच नतीजा SA won by 408 runs → सीरीज 2-0 से SA के नाम
मुख्य खिलाड़ी/टॉप परफार्मर्स
Simon Harmer — दूसरे टेस्ट में 9 विकेट (पहली पारी + दूसरी पारी) लेकर भारत को 140 रन पर ऑल-आउट किया। उनकी गेंदबाज़ी ने मैच और सीरीज दोनों मोड़े।
Marco Jansen / Marco Jansen और अन्य SA गेंदबाज़ — पहले टेस्ट में भी भारतीय बल्लेबाज़ों को दबाव में रखा था; कुल मिलाकर SA की गेंदबाज़ी मजबूत रही।
Ravindra Jadeja — हालांकि भारत पूरा फ्लॉप रहा, लेकिन इस टेस्ट में दूसरी पारी में उन्होंने 54 रन बनाये, जो टीम की तरफ़ से सबसे बड़ा योगदान था।
Aiden Markram (SA) — फील्डिंग में शानदार; उन्होंने 9 कैच लेकर फील्डिंग रिकॉर्ड बनाया, जो SA की जीत में अहम रहा।
कहां भारत फेल रहा — और कहां SA ने बाजी मारी
भारत की बल्लेबाज़ी — दोनों पारियों में सिर्फ 201 और 140 रन — बिल्कुल भी संचालित नहीं हुई। टेस्ट स्थितियों में यह एक बहुत बड़ी असफलता रही।
SA की स्पिन + फील्डिंग — Harmer की स्पिन, Markram की फील्डिंग और समग्र गेंदबाज़ी ने भारत पर अंतिम दिन कठोर दबाव बनाया।
भारतीय टीम ने विपक्ष की स्थिति संभालने या रेस्क्यू करने की कोशिशें की, लेकिन Jadeja को छोड़कर कोई निर्णायक पारी नहीं आई।



