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थाईलैंड की महिलाएं गले में क्यों पहनती हैं 15 किलो तक के रिंग

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थाईलैंड की जिन महिलाओं के बारे में आप बात कर रहे हैं, वे मुख्यतः करेन (Karen) समुदाय की एक उप-जनजाति कयाह/पदौंग (Padaung/Kayan) से आती हैं। इन्हें अक्सर “लॉन्ग-नेक वुमेन” कहा जाता है।

ये महिलाएं गले में कितने पीतल के रिंग पहनती हैं

आमतौर पर 10 से 25 रिंग होती हैं, लेकिन कुछ महिलाओं के पास 30 तक रिंग भी देखी गई हैं।

वजन काफी होता है-लगभग 5 किलो से लेकर 10 किलो तक, और कुछ मामलों में 15 किलो तक भी।

इन्हें बचपन (लगभग 5 वर्ष की उम्र) से पहनना शुरू किया जाता है और उम्र बढ़ने के साथ रिंग बढ़ाई जाती हैं।

क्यों पहनती हैं ये पीतल के रिंग

कई कारण बताए जाते हैं-परंपराओं और मान्यताओं का मिश्रण:

1. सौंदर्य का मानक
लंबे गले को सुंदरता और आकर्षण का प्रतीक माना जाता है।

2. समुदाय की पहचान
यह उनकी सांस्कृतिक विशेषता है, अपनी परंपरा को जीवित रखने का तरीका।

3. सुरक्षा मान्यता (पुरानी मान्यता)
माना जाता था कि इससे शेर-बाघ के हमले से गर्दन की रक्षा होती है।

4. मानसिक-भावनात्मक महत्व
गहने हटाना अपमानजनक माना जाता था-समाज में सुरक्षा की भावना देती थीं।

क्या इससे सच में गर्दन लंबी हो जाती है

कहने को गर्दन लंबी दिखती है
असल में गर्दन नहीं बढ़ती, बल्कि कंधे नीचे दबते जाते हैं और कॉलर बोन का आकार बदल जाता है। इसलिए illusion बनता है कि गर्दन बहुत लंबी है।

आज के दौर की स्थिति

पर्यटन के कारण यह परंपरा आर्थिक रूप से भी जुड़ गई है।
हालांकि अब कई महिलाएं और लड़कियाँ इन रिंग्स को कम कर रही हैं, क्योंकि इससे

स्वास्थ्य समस्याएं

गति में दिक्कत

स्कूल और नौकरी में बाधाएं
होती हैं।

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Author: speedpostnews

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