जापान में सड़कों, फुटपाथों, रेलवे स्टेशनों और सार्वजनिक स्थानों पर पीली ऊबड़-खाबड़ टाइलें लगाई जाती हैं। इन्हें टैक्टाइल पेविंग (Tactile Paving) या टेनजी ब्लॉक (Tenji Blocks) कहा जाता है। इनका उद्देश्य दृष्टिबाधित या अंधे लोगों को सुरक्षित चलने में मदद देना है।
यह कैसे काम करती हैं
उभरी हुई गोल बिंदियों वाली टाइलें
यह संकेत देती हैं कि आगे रुकना, सावधान होना या दिशा बदलना है।
जैसे : सड़क पार करने से पहले, प्लेटफॉर्म के किनारे आदि।
लंबी उभरी हुई धारियों वाली टाइलें
यह बताती हैं कि सीधे किस दिशा में चलना है।
व्यक्ति अपने पैरों या छड़ी से इन्हें महसूस करके रास्ता पहचान लेता है।
पीला रंग क्यों होता है
पीला रंग दूर से आसानी से दिखाई देता है, इसलिए कम दृष्टि वाले लोगों को भी रास्ता पहचानने में मदद मिलती है।
इसकी शुरुआत कब हुई
इन टाइलों का आविष्कार 1965 में जापान के इंजीनियर Seiichi Miyake ने किया था।
सबसे पहले इन्हें 1967 में जापान के Okayama शहर में लगाया गया था।
आज स्थिति
आज ये टाइलें जापान के लगभग हर सार्वजनिक स्थान पर लगी हैं।
बाद में यह व्यवस्था दुनिया के कई देशों (भारत सहित) ने भी अपनाई।
संक्षेप में : यह पीली ऊबड़-खाबड़ लाइन दृष्टिबाधित लोगों के लिए एक प्रकार का स्पर्श द्वारा मार्गदर्शन सिस्टम है, जिससे वे बिना किसी मदद के सुरक्षित चल सकते हैं।


